मैनेजमेंट से चुनाव जीतने का दावा करने वाले अब भाजपा सरकार की उपलब्धियों को अपना बता रहे: आलोक संजर
खबर नेशन/Khabar Nation
भोपाल। विकास से नहीं मैनेजमेंट से चुनाव जीते जाते है, यह कहने वाले दिग्विजय सिंह को लोकसभा में भोपाल की जनता ने करारी शिकस्त दी। 10 साल मुख्यमंत्री रहने के बाद भी उनकी बंटाढार छवि इस कदर हावी है कि जनता उन्हें भूला नहीं पा रही है, लेकिन अब दिग्विजय सिंह भारतीय जनता पार्टी सरकार के समय किए गए विकास के प्रयासों को अपना बताकर झूठी वाहवाही लूटने का प्रयास कर रहे है, लेकिन जनता भलीभांति जानती है कि विकास भाजपा का दूसरा नाम है और भ्रम फैलाना कांग्रेस का। यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता आलोक संजर ने रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा भोपाल विजन डाक्यूमेंटस का क्रियान्वयन संबंधी किए गए दावों की प्रतिक्रिया में कही।
भाजपा सरकार में मिला राजधानीवासियों को नर्मदा जल
आलोक संजर ने दिग्विजय सिंह के विजन डाक्यूमेंटस में हर घर नर्मदा जल के क्रियान्वयन पर प्रश्न चिन्ह उठाते हुए कहा कि एक समय था जब दिग्विजय सिंह मुख्यमंत्री थे और भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन महापौर ने भोपाल में नर्मदा जल लाने की मांग को लेकर पहुंचे थे, लेकिन दिग्विजय सिंह ने इस काम को असंभव बताते हुए हंसी उड़ाई थी। लेकिन भारतीय जनता पार्टी सरकार बनने के बाद शिवराजसिंह चौहान ने असंभव को संभव कर भोपालवासियों को नर्मदा जल मुहैया कराया। भाजपा सरकार के इस प्रयास को अब श्री दिग्विजय सिंह अपने विजन डाक्यूमेंटस के क्रियान्वयन में रखकर क्या बताना चाह रहे हैं ? वे बताए कि जब वे मुख्यमंत्री थे तब भोपाल में नर्मदा जल लाने की स्वीकृति क्यों नहीं दी गयी ?
चर्चा में बना रहने का शिगूफा है बंटाढार का विजन डाक्यूमेंटस
संजर ने कहा कि मध्यप्रदेश की जनता ने दिग्विजय सिंह को मिस्टर बंटाढार का तमगा दिया था। जिसे मिटाने के लिए उन्होंने लोकसभा चुनाव में भरपूर प्रयास किया था, लेकिन जनता दिग्विजय सिंह के भ्रम में नहीं आयी और उन्होंने विकास का साथ दिया। राजनैतिक हाशिए पर आए दिग्विजय सिंह की यह छटपटाहट है कि वह लाइम लाइट में बना रहना चाहते है, इसलिए हमेशा विकास का विरोध करने वाले दिग्विजय सिंह विजन डाक्यूमेंटस का शिगूफा छोड़कर चर्चा में बने रहने की भरपूर कोशिश कर रहे है। विजन डाक्यूमेंटस के जरिए वे खुद को अघोषित मुख्यमंत्री दर्शाना चाहते है।