मध्यप्रदेश के हक को मारा, हर घर-जल का दिया कोरा नारा न की रोजगार की बात, न निभाया किसानों का साथ: कमलनाथ
खबर नेशन/Khabar nation
भोपाल. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने केंन्द्र सरकार द्वारा आज प्रस्तुत किये गये बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि हमें केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा बजट पर से पर्दा उठाये बगैर बजट भाषण को खूबसूरती से पढ़ने के लिए उन्हें बधाई देनी चाहिए।
नाथ ने कहा कि वित्त मंत्री महोदया का बजट भाषण एक शब्दजाल मात्र प्रतीत होता है जो तथ्यों से परे है तथा बजट की खामियों को छिपाने के लिए प्रमुख मुद्दों को बजट में पीछे धकेल दिया गया है।
नाथ ने कहा कि हमें उम्मीद थी कि वित्त मंत्री महोदया किसानों की पीड़ाओं को समझते हुए बजट में खेत, खलिहानों के लिए कोई समाधान देगी। मगर यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि वित्त मंत्री जी ने न तो किसानों की पीड़ा को समझा और न ही बजट में उनका कोई समाधान दिया। हमें अपेक्षा थी कि केंद्रीय सरकार के इस बजट में वित्त मंत्री महोदया भीषणतम बेरोजगारी से लड़ने के लिये देश को कोई प्रशस्त मार्ग देगी। मगर न तो उन्होंने युवाओं के रोजगार के अवसर सृृजित करने पर कोई प्रकाश डाला, अपितु युवाओं को निराश ही किया।
उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया इस बजट को देखने पर यह प्रतीत होता है कि मध्यप्रदेश के केंद्रीय करों के हिस्से में बड़ी कटौती कर दी गई है। विगत दिनों जो केंद्र के अंतरिम बजट में केंद्रीय करों के हिस्से का प्रावधान था, उसे इस बजट में 2677 करोड़ रूपये से कम कर दिया गया है। जो मध्यप्रदेश के साथ बड़ा कुठाराघात है। इसका साफ आशय है कि अंतरिम बजट के अनुमानों के अनुसार करों का संग्रहण नहीं हुआ है। इसलिए दर्शायी जा रही आर्थिक विकास दर जो दिखायी जा रही है वो वास्तविकता में बहुत कम है। यही कारण रहा है कि शायद वित्त मंत्री महोदया ने महत्वपूर्ण योजनाओं के खर्च का ब्यौरा नहीं दिया। अर्थात यह साफ संकेत हैं कि केंद्र की भाजपा सरकार वित्तीय प्रबंधन में असफल रही है। जिसकी वजह से देश की आर्थिक प्रगति की चाल धीमी पड़ गयी है।
नाथ ने कहा कि जिस प्रकार केंद्र की भाजपा सरकार ने बजट के पहले पीने के पानी के अभियान को महिमा मंडित किया था, उससे ऐसा प्रतीत हो रहा था कि इस बजट में ड्रिंकिंग वाॅटर के दृष्टिकोण से देश के नागरिकों की अपेक्षाओं की प्रतिपूर्ति की जायेगी। मगर बजट में ‘हर घर-जल’ योजना-2024 का बजट भाषण में उल्लेख मात्र कर इस आयोजन की इतिश्री कर दी। बहुत तलाशने पर भी इस योजना के मद में बजट का क्या प्रावधान है, दिखायी नहीं देता। वित्त मंत्री ने इस बात पर प्रकाश भी नहीं डाला कि आने वाले वर्षों में इस योजना को किस प्रकार आकार देंगी ।