देश में प्रत्येक परिवार को घर, सभी को जल, सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास को साकार करने वाला बजट: गोपीकृष्ण नेमा
खबर नेशन/Khabar Nation
इंदौर. भारतीय जनता पार्टी नगर अध्यक्ष गोपीकृष्ण नेमा ने आम बजट पर प्रक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ को अपनी सरकार का मूलमंत्र बताया था। वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने जो बजट प्रस्तुत किया है, वह प्रधानमंत्री श्री मोदी के इसी मूलमंत्र को साकार करने वाला बजट है। यह बजट समाज के हर वर्ग के लिए है, हर वर्ग को और देश के हर नागरिक को सक्षम बनाने वाला बजट है। इस बजट का लक्ष्य देश के प्रत्येक नागरिक को सक्षम और मजबूत बनाकर देश को शक्तिशाली बनाना है। यह बजट जहां एक तरफ मूलभूत जरूरतों के लिए आम आदमी के भटकाव को विराम देगा, वहीं एक गौरवशाली, वैभवशाली भारत के निर्माण का रास्ता भी प्रशस्त करेगा
केंद्र सरकार का बजट समाज के कमजोर वर्गों को सक्षम बनाने वाला बजट है। इसमें स्टेंड अप इंडिया एवं अन्य योजनाओं के जरिए महिलाओं, एससी/एसटी वर्ग उद्यमियों को लाभ दिया जाएगा। छोटे दुकानदारों को प्रधानमंत्री कर्मयोगी मानधन योजना के तहत पेंशन का प्रावधान किया गया है। महिलाओं के लिए ‘नारी तू नारायणी’ योजना लांच की जा रही है, वहीं उन्हें अलग से एक लाख रुपए तक का मुद्रा लोन उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। महिलाओं की स्थिति सुधारने पर बजट मेंं कई प्रावधान किये है। जनधन खाते में महिलाओं को पांच हजार रूपये तक का ओव्हर ड्राफ्ट दिया गया। पांच लाख तक की आय पर टैक्स में छूट दी गई। बजट में तीस लाख कामगारों को श्रमयोगी योजना के माध्यम से लाभ देने का प्रावधान किया गया है। श्रमिकों के लिये चार ओर कोर्ट बनाने का तय किया गया है।
केंद्र सरकार का वर्ष 2019-20 का बजट अंत्योदय के लक्ष्य के अनुसार तैयार किया गया है और गांव, गरीब तथा किसानों को इसके केंद्र में रखा गया है। इसमें वर्ष 2022 तक सभी को आवास देने, हर परिवार को पेयजल, बिजली, शौचालय तथा गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए प्रावधान किए गए हैं। खेती की लागत कम करने और किसानों को लिए कृषि को लाभदायी बनाने के उद्देश्य से बजट में खेती के बुनियादी तरीकों पर लौटते हुए जीरो बजट खेती तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।
मोदीजी की सरकार जिस तरह से काम करती है, उसके लिए कोई भी लक्ष्य हासिल करना मुश्किल नहीं है। आपने कहा कि प्रधानमंत्री ने जब देश को खुले में शौच से मुक्त बनाने की बात कही, तो विपक्षियों ने मजाक उड़ाया था। लेकिन इस सरकार ने अपना लक्ष्य हासिल किया और 2 अक्टूबर, 2019 को देश खुले में शौच से मुक्त हो जाएगा। इस अवसर पर राजघाट पर राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र का उद्धघाटन किया जाएगा। इसी तरह से प्रधानमंत्री ने 2022 तक सभी के लिए घर, बिजली और गैस कनेक्शन तथा 2024 तक हर घर में पेयजल पहुँचाने का लक्ष्य तय किया है, जिन्हें समय से पूर्व ही हासिल कर लिया जाएगा।