प्रदेश में शिक्षा का ‘माफियाकरण’ और ‘व्यापमीकरण’ अब बर्दाश्त नहीं: शोभा ओझा
‘स्कूल चलो अभियान’ के प्रति मुख्यमंत्री कमलनाथ जी की गंभीरता स्वागत योग्य
खबर नेशन/Khabar Nation
भोपाल, प्रदेश कांग्रेस कमेटी मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने आज जारी अपने बयान में कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ जी द्वारा ‘स्कूल चलो अभियान’ का पूरी गंभीरता के साथ आगाज करना स्वागत योग्य तो है ही, यह इस बात का शंखनाद भी है कि वे भाजपा की पिछली शिवराज सरकार द्वारा किये गये शिक्षा व्यवस्था के माफियाकरण के विपरीत, सरकारी स्कूलों की व्यवस्था के प्रति जनता के मन में खोया विश्वास पुनः कायम करना चाहते हैं।
आज जारी अपने बयान में उक्त विचार व्यक्त करते हुए ओझा ने कहा कि पिछले डेढ़ दशक में शिक्षा माफिया ने जिस तरह से इस प्रदेश में सरकारी संरक्षण में अपना जाल फैलाया, उससे निजी स्कूल ऐसे पनपे कि सरकारी स्कूलों की पूरी व्यवस्था ही प्रदेश सरकार की घोर उपेक्षा के चलते चरमरा गई। व्यापमं जैसे मामलों में लिप्त पिछली सरकार के नुमाइंदे केवल शिक्षा के व्यवसायीकरण में रुचि रखते थे, इसीलिए उन्होंने सरकारी स्कूलों और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत नहीं होने दिया।
ओझा ने कहा कि भाजपा कि पिछली प्रदेश सरकार के पूरे पंद्रह वर्षीय कार्यकाल में निजी स्कूलों के मुकाबले खुलने वाले सरकारी स्कूलों की संख्या लगभग नगण्य थी। साफ है कि इस दौरान यहां आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलना नामुमकिन सा हो गया था किंतु अब, जब प्रदेश में कांग्रेस की जनहितैषी सरकार बनी है, तब मुख्यमंत्री कमलनाथ जी की ताजा पहल से साफ हो गया है कि मध्यप्रदेश में सरकारी स्कूलों की व्यवस्था, गुणवत्ता व शिक्षा प्रणाली अब अधिक अच्छी और सुदृढ़ होगी, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को भी उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो सके।
ओझा ने कहा कि पिछली सरकार द्वारा सरकारी व्यवस्था, प्रणाली और अमले को पंगु बनाने के उदाहरण केवल शिक्षा ही नहीं, स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी देखे जा सकते हैं, जहां अस्पताल माफिया के हितों को दृष्टिगत रखते हुए, सरकारी चिकित्सालयों के हालातों को सुधारने के लिए कोई विशेष प्रयास नहीं किए गए लेकिन कमलनाथ जी ने सरकारी अस्पताल में अपना इलाज करा कर, यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि मध्यप्रदेश की नई कांग्रेस सरकार, सरकारी स्कूलों के साथ ही सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था में सुधार के प्रति भी पूरी तरह से गंभीर है और इस बात के लिए प्रतिबद्ध भी कि अब इस प्रदेश में शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र का ‘माफियाकरण’ और ‘व्यापमीकरण’ किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं होगा।