’मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार के इशारे पर काम कर रही है एस.एस.पी. रुचिवर्धन मिश्रा: भाजपा’

राजनीति Apr 09, 2019

इंदौर में निष्पक्ष चुनाव कराने व एसएसपी का तत्काल स्थानांतरण करने की मांग को लेकर भाजपा के प्रतिनिधि मंडल ने आज मुख्य निर्वाचन अधिकारी के नाम से जिला निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन दिया

खबरनेशन/Khabarnation 

इंदौर, आज शाम जिलाधीश कार्यालय पर भाजपा नगर व ग्रामीण का प्रतिनिधि मंडल वरिष्ठ नेता कृष्णमुरारी मोघे, भाजपा नगर अध्यक्ष गोपीकृष्ण नेमा, जिला अध्यक्ष अशोक सोमानी, लोकसभा प्रभारी व विधायक रमेश मेंदोला, प्रदेश उपाध्यक्ष सुदर्शन गुप्ता, विधायक महेंद्र हार्डिया, प्रदेश प्रवक्ता उमेश शर्मा, पूर्व आईडीए अध्यक्ष शंकर लालवानी, पूर्व विधायक राजेश सोनकर, गोपालसिंह चौधरी, प्रेमनारायण पटेल, महामंत्री मुकेश राजावत, घनश्याम शेर, कमल वाघेला, बालकृष्ण अरोरा, सुमित मिश्रा, नानूराम कुमावत, संदीप दुबे, गुलाब ठाकुर, वीणा शर्मा, मुकेश मंगल, कमल वर्मा, गुमानसिंह पंवार, सुरेंद्र वाजपेयी, दिनेश शुक्ला, वरुण पाल, विनोद खंडेलवाल, ऋषि खनूजा की उपस्थिति में जिला निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन देकर आचार संहिता लागू होने के बावजूद मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार के इशारे पर आयकर विभाग की कार्यवाही को बाधित करने एस.एस.पी. रुचिवर्धन मिश्रा उक्त स्थल पर पहुँची थी। भाजपा नेताओं ने उनको तत्काल इंदौर से अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की है।  
 
भाजपा नेताओं ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि 06 अप्रैल की देर रात से आयकर विभाग द्वारा मुख्यमंत्री के निज सचिव प्रवीण कक्कड़ एवं अन्य लोगों के यहां रैड डालकर जांच की जा रही थी, जहां करोड़ों के काले धन की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली। प्रवीण कक्कड़ के निवास विजयनगर, इंदौर और कार्यालय पर भी जांच चल रही थी। उल्लेखनीय है कि जांच सीआरपीएफ की सुरक्षा में चल रही थी, इसके बावजूद दिनांक 07 अप्रैल 2019 को कक्कड़ के निवास पर एस.एस.पी. रुचिवर्धन मिश्रा ने अपनी टीम के एस.पी. यूसुफ कुरैशी व अन्य के साथ पहुँचकर जांच में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास किया। शहर के वरिष्ठतम पुलिस अधिकारी को बिना बुलाये व आवश्यकता नहीं होने के बावजूद जांच स्थल पर जाना सीधे तौर पर यह इशारा करता है, कि मुख्यमंत्री के आदेश व प्रभाव के चलते एस.एस.पी. द्वारा पद एवं गरिमा के विपरीत कांग्रेस के हित में कार्यवाही करती दिख रही है। उनके वहां जाने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 

नेताओ ने बताया कि चुनाव की घोषणा होते ही निर्वाचन प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और प्रशासन को निर्वाचन आयोग के अधीन कर दिया जाता है। चुनाव प्रक्रिया पूर्ण होने तक पुलिस और प्रशासन के सभी अधिकारियों से निष्पक्ष आचरण और व्यवहार अपेक्षित होता है, लेकिन इंदौर की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्रीमती रुचिवर्धन मिश्रा ने रविवार को इंदौर में मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के खास सहायक के ठिकानों पर आयकर विभाग की कार्रवाई में अपने पद के प्रभाव से दखल देने की कोशिश की। ऐसा करके उन्होंने संवैधानिक दायित्व का उल्लंघन किया। आयकर विभाग ने स्वयं इस मामले में आपको ( मुख्य निर्वाचन आयुक्त महोदय) को आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की सूचना दी है।

एस.एस.पी. इंदौर का उक्त कृत्य अपने पद एवं गरिमा के विपरीत मुख्यमंत्री के इशारे पर उनके ओएसडी को बचाने की कार्यवाही है। आयकर विभाग के  छापे/रेड/सर्च/सर्वे के दौरान विभाग के अधिकारियों के आग्रह पर उनकी मदद और रक्षा के लिए पुलिस का पहुंचना सामान्य प्रक्रिया है, किन्तु पुलिस का कोई उच्च अधिकारी आयकर विभाग के अधिकारियों के कार्य में बाधा डालकर उन्हें प्रभावित करने की कोशिश करें और वो भी आदर्श आचार संहिता के दौरान तो ये एक असामान्य, अनैतिक और अवैधानिक प्रक्रिया है। यदि कोई अधिकारी मुख्यमंत्री के लिए अपने संवैधानिक कर्तव्यों का उल्लंघन करता है, तो ये साबित होता है कि उसकी निष्ठा संविधान और आचार संहिता के प्रति नहीं बल्कि सत्तारूढ़ दल के लिए है और ऐसे अधिकारी की उपस्थिति में निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं है।

भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधि मंडल यह मांग की है, कि आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने वाली इन्दौर की एस.एस.पी. रुचि को तत्काल पद से हटाकर, इंदौर में निर्वाचन की निष्पक्षता के लिए ठोस एवं कारगर कदम उठाये। 

ज्ञापन का वाचन प्रदेश प्रवक्ता उमेश शर्मा ने किया।

Share:


Related Articles


Leave a Comment