भोपाल से चुनाव मैं नहीं, कांग्रेस पार्टी और कार्यकर्ता लड़ रहे हैं: दिग्विजयसिंह

राजनीति Mar 27, 2019

मोदी जवाब दें कि सीआरपीएफ जवानों को हवाई जहाज से ले जाने की अनुमति क्यों नहीं दी ?

खबरनेशन/Khabarnation  

भोपाल,पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह ने कहा है कि पुलवामा में शहीद 44 जवानों के परिवार आज पूछ रहे हैं कि जब आतंकी हमले की खुफिया सूचना पहले से थी तो सरकार ने जवानों को हवाई जहाज से ले जाने की अनुमति क्यों नहीं दी? मोदी जी ने इसका उत्तर आज तक क्यों नहीं दिया। यह घटना इंटेलीजेंस फेल्योर का सबसे बड़ा प्रमाण है। श्री सिंह आज पीसीसी में ‘‘शक्ति’’ एप से जुड़े भोपाल लोकसभा क्षेत्र के प्रतिनिधियों और कांगे्रस कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।

दिग्विजयसिंह ने कहा कि आठ फरवरी को आई.जी. कश्मीर का सिग्नल था, उन्होंने मैसेज किया था कि कान्वाय की सुरक्षा रखें, लेकिन लापरवाही की गयी और 14 फरवरी के सीआरपीएफ जवानों पर आतंकी हमला हो गया। अंतर्राष्ट्रीय स्तर के पत्रकार जबाव मांग रहे हैं। भाजपा के पास अब कहने को कुछ नहीं बचा। अब उनकी केवल एक ही रणनीति है कि किसी तरह हिन्दू और मुसलमानों में झगड़ा करा दें। अब यह हम पर निर्भर करता है कि हम एक रहकर भाजपा को किसी तरह का मौका न दें। आतंकवाद से यदि कोई लड़ा है तो कांगे्रस ही लड़ी है। इन्होंने तो आतंकवाद से समझौता किया। सूफिया सईद का मामला सब जानते हैं। संसद पर जब हमला हुआ और अजहर मसूद हो जब छोड़ा था तब किसकी सरकार थी?

सिंह ने कहा कि जिस तरह नरेन्द्र मोदी ने पिछले पांच साल तक लगातार झूठ पर झूठ बोला है, उसे सभी जान चुके हैं। अब नरेन्द्र मोदी अगले प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि मुझ जैसे कांगे्रस कार्यकर्ता को जहां से चुनाव लड़ने का अवसर मिला है, उसका नेतृत्व डाॅ. शंकर दयाल शर्मा जैसे महान व्यक्ति ने किया है। यह चुनाव दिग्विजय सिंह नहीं कांगे्रस पार्टी लड़ रही है। चुनौती हमारे सामने है। भाजपा कहती है कि बहुत कमजोर उम्मीदवार भोपाल को दिया है, लेकिन भाजपा अभी तक अपना उम्मीदवार घोषित नहीं कर पायी है। मैं न डरता हूं न घौंस में आता हूं, जहां से कहो निपटने तैयार हूं। 

दिग्विजयसिंह ने शक्ति एप कार्यकर्ताओं से कहा कि वे वाट्स एप ग्रुप बनायें और भाजपा के झूठ का पर्दाफाश करें। ‘शक्ति’ के माध्यम से सच्चाई जन-जन तक पहुंचायें। मैं कांग्रेस कार्यकर्ताओं के उत्साह और उमंग के साथ चुनाव लड़ा रहा हूं। उन्होंने प्रत्येक कांगे्रसी से आग्रह किया कि वे अपने-अपने घरों पर कांगे्रस का झंडा लगाकर झंडा अभियान चलायें। उन्होंने कार्यकर्ताओं को कुछ हिदायत भी दीं। कहा कि कोई नारेबाजी नहीं करेगा, जिंदाबाद नहीं बोलेगा। जिंदाबाद करना ही है तो गांधी, नेहरू, आजाद, सरदार पटेल, अम्बेडकर, शास्त्री जी, शंकरदयाल शर्मा, इंदिरा जी, राजीव जी, अर्जुनसिंह, सोनिया जी, और राहुल गांधी के लिये करें। फ्लेक्स के चक्कर में ज्यादा नहीं पड़े। हम जमीन पर लड़ाई लडे़ंगे। उन्होंने यह भी कहा कि ‘नो चुगली’ और ‘नो चमचागिरी।’

सिंह ने कहा कि 1990 के बाद से देश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश होने लगी। जो गांगा-जमुनी संस्कृति थी वह बाबरी मस्जिद ढहने के बाद खत्म सी हो गयी। भोपाल में पहला दंगा 1992 में हुआ। आपको मालूम होना चाहिये कि विभाजन के समय जब लोग भोपाल छोड़कर जा रहे थे तब भोपाल नवाब ने सबको रोका था। भोपाल की संस्कृति और संस्कार अलग रहे हैं। भोपाल रियासत में गो-हत्या पर प्रतिबंध था। भोपाल में लाखों कार्यकर्ता हैं वे सभी कांगे्रस के लिये काम करेंगे।

इस अवसर पर कांग्रेस उपाध्यक्ष चंद्र प्रभाष शेखर, मंत्रीगण पी.सी. शर्मा, ओमकार सिंह मरकाम, प्रियव्रत सिंह और जयवर्धन सिंह के अलावा कांगे्रस पदाधिकारी, राजकुमार पटेल, सुरेन्द्र सिंह ठाकुर, सुनील सूद, साजिद अली, मीडिया उपाध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता, आईटीसेल की अध्यक्ष अजिता वाजपेयी पाण्डे सहित अन्य पदाधिकारी और भोपाल लोकसभा क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।    

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