अगर में नक्सली हूँ तो सरकार गिरफ्तार करे मुझे: दिग्विजय

राजनीति Sep 05, 2018

खबरनेशन/Khabarnation  
मध्यप्रदेश से राज्य सभा के सदस्य और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आज कहा कि उनको इस बात की कोई चिंता नहीं है कि उन पर यह आरोप लगाये जा रहे हैं के उनके नक्सली लोगों से संबंध हैं। खबरनेशन से बातचीत में उन्होंने कहा कि जो लोग उन पर यह आरोप लगा रहे है इस वक्त वो लोग सरकार में हैं और उन का आरोप लगाने का कोई मतलब ही नहीं है। दिग्विजय ने कहा कि उन पर आरोप लगाने से अच्छा तो यह है कि ये लोग उन को गिरफतार ही कर हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ना तो उन को इन आरोपो से कोई चिंता है और आगे कहा कि ना ही उन के सर्मथको को इन की चिंता करनी चाहिए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि कांग्रेस को दिग्विजय सिंह को अपने दल से निकाल देना चाहिए। चौहान ने यह भी कहा था कि दिग्विजय गैर
जिम्मेदाराना बयान देते आये हैं और उन पर देशद्रोह के भी आरोप लगे हैं। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने यह आरोप लगाया था कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में ‘माओवाद और नक्सलवाद को मुख्यधारा में लाने’ की कोशिश की और इसलिए पार्टी को अपना नाम ‘कांग्रेस माओवादी पार्टी’ या भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (माओवादी) रख लेना चाहिए.


एक ‘कॉमरेड’ की ओर से दूसरे ‘कॉमरेड’ को कथित तौर पर लिया गया एक पत्र दिखाते हुए पात्रा ने कहा कि इसमें लिखा गया है कि कांग्रेस उनकी गतिविधियों के लिए पैसा देने के लिए तैयार है और इस बाबत मदद के लिए दिग्विजय सिंह से संपर्क किया जा रहा है. पात्रा ने पत्रकारों को बताया, ‘राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोच्च महत्व का विषय है और सिर्फ राजनीतिक अवसरवादिता के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ ऐसी चीज है जो कांग्रेस करती रही है.’


दिग्विजय सिंह का फाइल फोटो...
पात्रा ने दावा किया था कि ‘कॉमरेड सुरेंद्र’ ने ‘कॉमरेड प्रकाश’ को 25 सितंबर को पत्र लिखा, जिसमें कहा गया है कि कांग्रेस के नेता इस प्रक्रिया में मदद और पैसे देने के लिए तैयार हैं. उनहोंने आरोप लगाया कि इसमें दिग्विजय सिंह का फोन नंबर है, जो ‘‘राहुल गांधी के गुरू’’ हैं.

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