क्या मिलेगा लाभ ?
खबरनेशन/Khabarnation जिस तरह से पूरी भाजपा भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की मौत को वोटों के लिये भुनाने में लगी हुई है उसका पार्टी को क्या फायदा होगा यह तो आने वाला वक्त ही बतायेगा। पर जो भी हो इसका कम से कम एक फायदा तो भाजपा को जरूर हो ही जायेगा। अगर वो 2019 का लोकसभा चुनाव हार जायेगी तो उस हार का ठीकरा वाजपेयी के सिर पर आराम से फोडा जा सकेगा। पार्टी यह बहुत आराम से कह सकेगी कि उस की हार के लिये वाजपेयी ही पूरी तरह से जिम्मेदार है। आज कल भाजपा शासित राज्यों में एक तरह से होड लगी हुई है कि कौन वाजपेयी के नाम पर ज्यादा कार्य्रक्रम चलायेगा या कितनी संस्थाआें के नाम अटल जी के नाम से जोडे जायेंगे। इस होड से भाजपा वाले यह सोच रहे है कि अटलजी की याद दिखाने के कारण ही वो आराम से चुनाव जीत सकेगी। वाजपेयी की भतीजी और सांसद करूणा शुक्ला ने कहा है कि जिस तरह से अटलजी की अस्थियों लेकर भाजपा वाले चल रहे हैं उससे वो बहुत ज्यादा दुखी हैं। उनका यह भी कहना था कि यह वही भाजपा है जिस ने पिछले नौ साल में अटलजी को याद तक भी नहीं किया और उनकी फोटो को भी पार्टी के बैनरों वगैरह से हटा दिया। इसको लेकर सब से बडा चुटकुला एल के आडवाणी को लेकर आया है। इस के अनसुर आडवाणी यह कह रहे हैं कि जब उन की मौत हो जाये तो उन को जलाने के बजाय गाड दिया जाये। भाजपा की कुछ तो फजीती इस बात को लेकर भी हुई कि उसके कुछ नेता अटलजी से संबंधित कार्यक्रग में ठहाके लगा रहे थे और इस की तस्वीरें भी आ गई हैं। इस पर यह कहा गया कि जब शमशान घाट में ठहाके लगाने और मोबाइल पर बात करने वालों को कुछ नहीं कहा जाता तो भाजपा नेताआें ने क्या पाप कर दिया। इस का जवाब यह है कि जो लोग शमशान घाट में गलत बर्ताव करते हैं वो कम से कम आप से वोट तो नहीं मांगते।