दुग्ध संकलन केन्द्र से जुड़कर महिलाएँ चला रहीं दूध डेयरी

राजनीति Mar 25, 2018

भोपाल। पन्ना जिले के अजयगढ़ क्षेत्र में महिलाएँ देशी भैंस पालकर 25 से 30 रुपये प्रति लीटर तक दूध बेचती थीं। बुंदेलखण्ड तेजस्विनी महिला महासंघ ने देशी नस्ल की भैंसों से डेयरी संचालन की पहल कर इन महिलाओं को दुग्ध संकलन केन्द्र से जोड़ा। तेजस्विनी कार्यक्रम के सहयोग से 25 अप्रैल, 2017 को खोरा एवं निजामपुर गाँव में दुग्ध संकलन केन्द्र की स्थापना की गई। अब ये महिलाएँ दुग्ध विक्रय से दोगुना तक लाभ कमा रही हैं। इनसे क्रय किये गया दूध साँची दूध डेयरी, अजयगढ़ को सप्लाई किया जाता हैं। 

तेजस्विनी परियोजना के जिला कार्यक्रम प्रबंधक संजीव सिंह ने बताया कि यहाँ आजीविका का प्रमुख साधन कृषि एवं भैंस-पालन हैं। देशी नस्ल की भैंस प्रतिदिन दो से तीन लीटर दूध देती हैं। महासंघ ने क्लस्टर के समूहों को डेयरी गतिविधि से जोड़ते हुए इसकी शुरूआत खोरा एवं निजामपुर क्लस्टर से की। खोरा दुग्ध संकलन केन्द्र में 451 और निजामपुर के केन्द्र में 220 सदस्य हैं। समूह की महिलाएँ अब गाय भी पालने लगी हैं। पशु-आहार और अन्य उत्पादों की व्यवस्था समूह की महिलाएँ ही करती हैं।

वर्तमान में खोरा दुग्ध संकलन केन्द्र द्वारा प्रतिदिन 250 से 300 लीटर और निजामपुर में 100 से 150 लीटर दूध की खरीदी की जा रही हैं। दोनों संकलन केन्द्रों को 10 से 15 हजार रुपये का शुद्ध लाभ मिल रहा हैं। समूह के 184 सदस्यों को शासकीय पशु चिकित्सक द्वारा आजीविका गतिविधि क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण भी दिलवाया गया हैं। इससे समूह के सदस्य उत्साहित होकर बेहतर कार्य कर रहे हैं। (खबरनेशन / Khabarnation)
 

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