श्रेय लेने की भूखी मध्यप्रदेश सरकार
श्राद्ध पक्ष में ही करा दिया भोपाल मेट्रो का शिलान्यास-विश्वास सारंग
खबर नेशन / Khabar Nation
भोपाल । पूर्व सहकारिता मंत्री व नरेला विधायक विश्वास सारंग ने कहा कि भारतीय परम्पराओं और मान्यताओं के अनुसार पितृ पक्ष में शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किये जाते हैं। क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, 16 दिनों तक चलने वाला पितृ पक्ष श्राद्ध का मृत्यु से संबंध होता है, इसलिए श्राद्ध पक्ष को शुभ नहीं माना जाता है। शास्त्र कहते हैं कि यदि श्राद्ध पक्ष में निषेध बातों को व्यक्ति नहीं मानता तो उसे दुख, तकलीफ और कलह का सामना करना पड़ सकता है।
श्री सारंग ने कहा कि श्रेय लेने की भूखी कमलनाथ सरकार ने भोपाल मेट्रो जिसके कार्य का शुभारंभ बहुत पहले हो चुका है का पितृ पक्ष में शिलान्यास कर दिया। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार संत समागम कर रही हैै तो दूसरी ओर भारतीय परम्पराओं और मान्यताओ को नजरअंदाज कर रही है।
विश्वास सारंग ने कहा कि ऐसी क्या जल्दी थी कि सरकार ने 4 दिन का इंतजार नहीं किया और श्राद्ध पक्ष में इतनी बड़ी भोपाल मेट्रो परियोजना का शिलान्यास कर दिया। उन्होंने कहा कि 4 दिन बाद नवरात्रि शुरू हो रहे थे जो शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए अच्छे माने जाते हैं, तब शिलान्यास हो सकता था। वैसे भी मेट्रो के कार्य का शुभारंभ तो बहुत पहले हो चुका है अब तो कई काॅलम भी खड़े हो चुके हैं। कार्य प्रारंभ होनेे के पश्चात शिलान्यास का क्या औचित्य है? यह सिर्फ श्रेय लेने की भूख के अलावा और कुछ नहीं है।
श्री सारंग ने कहा कि भोपाल मेट्रो की स्वीकृति भाजपा शासन काल में हो चुकी थी। पैसा भी आ चुका था। टेंडर भी हो चुके थे और मिट्टी परीक्षण के साथ ही निर्माण एजेंसी ने कार्य प्रारंभ भी कर दिया था। मेट्रो के निर्माण कार्य को पिछले एक साल से भोपाल की जनता भी देख रही है और आज हुए शिलान्यास की नौटंकी को भी समझ रही है।
शिवपुरी की घटना वेहद दर्दनाक
पूर्व सहकारिता मंत्री व नरेला विधायक विश्वास सारंग ने कहा कि शिवपुरी की घटना बेहद दर्दनाक है। इसके लिए दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
विश्वास सारंग ने कहा कि भाजपा की शिवराज सरकार ने मध्यप्रदेश को शांति का टापू बना दिया था, लेकिन 9 माह में ही कमलनाथ सरकार ने जंगल राज बना दिया है। उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार के 9 माह के अल्प शासन काल में ही लगातार अपहरण, बलात्कार, हत्यायें, चोरी-डकैती की घटनाएँ हो रही हैं और सरकार सिर्फ तबादला उद्योग में व्यस्त है।
शिवपुरी की घटना बेहद दर्दनाक है। अगर गृहमंत्री में जरा सी भी नैतिकता बची है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए अगर वे इस्तीफा नहीं देते हैं तो मुख्यमंत्री को तत्काल गृहमंत्री को बर्खास्त कर देना चाहिए।