पॉवर दिखाने का जरिया बनेगा जैत

शक्ति प्रदर्शन को लेकर दिग्विजय की यात्रा में दो फाड़

गृहग्राम जैत को लेकर शिवराज कैम्प में भी दुविधा

खबरनेशन/ Khabarnation


मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह ग्राम जैत में शक्ति प्रदर्शन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के समर्थक दो फाड़ हो गए हैं। एक गुट काँग्रेस कार्यकर्ताओं के जमावड़े के खिलाफ है तो दूसरा इसे आवश्यक बता रहा हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और अखिल भारतीय काँग्रेस कमेटी के महासचिव दिग्विजय सिंह सपत्निक नर्मदा परिक्रमा पर है। दिग्विजय सिंह इसे निजी और आध्यात्मिक यात्रा बता चुके हैं। इसके बावजूद काँग्रेस के तमाम बड़े नेता कमलनाथ से लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया, और अन्य नेता भी इस यात्रा में पहुँचकर अपना समर्थन दे चुके हैं।

 नर्मदा परिक्रमा लगभग एक सौ दस दिन पूर्ण कर चुकी हैं और पन्द्रह सौ किलोमीटर की दूरी तय कर चुकी हैं। परिक्रमा इन दिनों मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के विधानसभा क्षेत्र बुदनी में है और 23 जनवरी को शिवराज के ग्रृहग्राम जैत पहुँच जाएगी। इससे पहले नर्मदा के दक्षिण तट स्थित बान्द्राभान पर परिक्रमा शुरु होने के तत्काल बाद काँग्रेस के हजारों कार्यकर्ताओं ने अपनी मौजूदगी के माध्यम से परिक्रमा को समर्थन दिया था । हाँलाकि बांद्राभान का आध्यात्मिक महत्व भी है और भाजपा के बड़े नेताओं में शामिल रहे पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्वर्गीय अनिल दवे और उमा भारती भी नियमित तौर पर जाते रहे हैं। अब बान्द्राभान जैसा ही कार्यक्रम जैत में किए जाने के पक्ष में हैं । स्थानीय कार्यकर्ताओं का मानना हैं कि चौदह सालों में भाजपा कार्यकर्ताओं और शिवराज समर्थकों के दमन और अत्याचार का जबाब देने का यही सबसे माकूल मौका है वहीं दूसरे पक्ष का मानना हैं कि इस शक्ति प्रदर्शन को भाजपा राजनैतिक नजरिए से दुष्प्रचार कर सकती है और परिक्रमा की सार्थकता खत्म हो जाएगी। सूत्रों के अनुसार अंतिम फैसला दिग्विजय सिंह को ही लेना हैं।

ऐसे ही हालात मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कैम्प में हैं। कुछ सलाहकार पक्ष मे हैं कि शिवराज को जैत पहुँचकर परिक्रमा का स्वागत करना चाहिए। इस कदम से उनकी सहृदयता सिद्ध होगी । वहीं दूसरा पक्ष इसके खिलाफ हैं ।

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