कुर्सी बचाने में कुर्सियां बदल डाली
खबर नेशन/ Khabar Nation
डब्बे में पेट्रोल
केन्द्र सरकार के रसूखदार विभाग के रसूखदार अधिकारी की पत्नि सड़क पर हैरान परेशान हो गई । हुआ यूं कि गाड़ी का पेट्रोल खत्म हो गया। पत्नी का फरमान रसूखदार विभाग के रसूखदार अधिकारी के पास पहुंचा तो वे ड्राइवर सहित एक पेट्रोल पंप पर डब्बे में पेट्रोल लेने पहुंच गये ।पेट्रोलियम कम्पनी के नियम , जिला प्रशासन की सख्ती के बावजूद उनका ड्राइवर डब्बे में पेट्रोल लेने में सफल रहा। वजह यह थी पंप संचालक को ड्राइवर द्वारा बताया गया कारण और रसूखदार अधिकारी का नाम।
कुर्सी बचाने में कुर्सियां बदल डाली
सरकार की छवि निखारने वाले विभाग में हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छवि बनाने वाले एक तेज तर्रार आई. ए. एस. की नियुक्ति की गई है । जनता में सरकार के प्रति नाराजगी हैं । सरकार और संगठन गंभीर तौर पर चिंतित है ।छवि निखारने वाला विभाग मुख्यमंत्री की कुर्सी बचाने में अहम भुमिका निभा सकता है । तेज तर्रार आई. ए. एस. ने सरकार के कुर्सी बचाने का जतन शुरू करने के पहले अपने प्रिय शहर के एक फर्नीचर सप्लायर को विभाग की कुर्सियां बदलने की जवाबदारी दे दी । तेज तर्रार आई. ए. एस. के पास तीन विभागो की जिम्मेदारी है । इसके बावजूद उन्होंने अपने लिए एक सर्व सुविधा युक्त इनोवा गाड़ी भी छवि निखारने वाले विभाग को खरीदवा दी।
सर्वे पर भरोसा नहीं
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ सर्वे का ढिंढोरा पीट रहे है। बताया जा रहा है कि टिकट सर्वे के आधार पर मिलेंगे और किसी भी नेता की सिफारिश नहीं चलेगी। इस बात को कांग्रेस के बड़े नेता चाहे दिग्विजय सिंह हो या अजय सिंह और पचोरी या अरुण यादव सभी सार्वजनिक तौर पर कह रहे हैं । इसके बावजूद प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में बैठने वाले हर छोटे-बड़े पदाधिकारी को चुनाव लड़ने के दावेदार अपना आवेदन पत्र सौंप जाते हैं।इसी के साथ -साथ अपने संघर्ष की दास्तान और उपेक्षा की कहानी भी बारंबार सुना रहे हैं । पदाधिकारी मजबूर होकर इस कथा व्यथा को सुनता है।
गुप्त मंत्रणाओं का दौर
आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भाजपा संगठन भी कमर कसकर तैयार बैठा है। इन दिनों भाजपा के प्रदेश कार्यालय का माहौल कुछ ऐसा ही नजर आ है। भाजपा के छोटे पदाधिकारी से लेकर राष्ट्रीय पदाधिकारी तक शीशे के बंद कैबिन में गुप्त मंत्रणाए कर रहे है। कई बार तो इन बैठकों में घंटों तक सिर्फ दो-तीन लोग ही चर्चा करते हुए नजर आते हैं।

ये कैसा उदघाटन ?
भोपाल में पदस्थ एक वरिष्ठ आई पी एस अधिकारी अपनी इंदौर पोस्टिंग के दिनों में एक रेस्टोरेंट का उद्घाटन कर गए। शहर के पूर्व क्षेत्र में स्थित यह रेस्टोरेंट अब पड़ोसियों की परेशानी का सबब बन गया है। परेशानी की वजह यहां आने वाले ग्राहकों का आपस में मारपीट करना है। बड़ी संख्या में युवक युवतियों का जमावड़ा यहां मिलने वाली केबिन सुविधा है। जिसमें जमकर अनैतिक काम होते हैं। अनैतिक कामों का खुलासा होने पर दोस्तों के बीच जमकर मारपीट होती है। स्थानीय थाने को इस बात की जानकारी है पर वरिष्ठ आई पी एस अधिकारी के रसूख और अनैतिक कामों में मिलने वाला हिस्सा सिर्फ डंडा फटकारने के काम आता है।
फंसते फंसते बचे साहब
पुलिस के बड़े साहब का दिल अपनी एक मातहत कर्मचारी पर आ गया। अप्राकृतिक कृत्य के शौकीन इस अधिकारी की ताकत को मासूम कर्मचारी सह नहीं पाई। अंदरूनी चोटों का इलाज जब शुरू हुआ तो बड़े साहब के हाथ पांव फूल गए। सुना है भाजपा के एक विवादास्पद नेता ने समझौता कराया है और मामले को विभाग तक पहुंचाने से बचाया है।
सांसद के भाई के कारण नपती अटकी
मध्य प्रदेश के एक ताकतवर भाजपा सांसद के रसूख को लेकर पुलिस थाने पर प्रदर्शन भी हो चुका है। इस प्रदर्शन के बावजूद न जिला प्रशासन और न ही सांसद कुछ समझने को तैयार नहीं है । एक ट्रस्ट की जमीन की नपती विगत दो-ढाई साल से नहीं हो रही है। बताया जा रहा है उक्त जमीन के कुछ हिस्से पर सांसद के भाई ने अपना दावा ठोक रखा है । तहसील का अमला जांच भी कर चुका है लेकिन निर्णय नहीं दे पा रहे हैं।
लिखें और कमाएं
मध्यप्रदेश के पत्रकारों को खुला आमंत्रण । आपके बेबाक और निष्पक्ष समाचार जितने पढ़ें जाएंगे उतना ही आपको भुगतान किया जाएगा । 1,500 से 10,000 रुपए तक हर माह कमा सकते हैं । अगर आप इस आत्मनिर्भर योजना के साथ जुड़ना चाहते हैं तो संपर्क करें:
गौरव चतुर्वेदी
खबर नेशन
9009155999