ऐसी शिक्षा दें जो बेहतर नागरिक बना सके
खबर नेशन / Khabar Nation
इंदौर। देश की दशा और दिशा सुधारने में विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती। आज ज़रूरत इस बात की है कि बच्चों को ऐसी शिक्षा दें जो बेहतर नागरिक बना सके। उक्त प्रेरक विचार समाजसेवी सुनील जोशी ने श्री वैष्णव वाणिज्य महाविद्यालय के 53वें वार्षिक उत्सव समापन समारोह में व्यक्त किये। महाविद्यालय परिसर में पुरस्कार वितरण एवं सांकृतिक समारोह" संकल्प"2020 धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी सुनील जोशी (चेयरमैन- विशाल फेबोटेक) और संस्था पदाधिकारियों की मौजूदगी में कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना व दीप प्रज्वलन से किया गया।
कार्यक्रम के खास मेहमान सुनील जोशी ने अपने उदबोधन में स्वामी विवेकानंद को आदर्श मानने का संदेश देते हुए विद्यर्थियों को जीवन मे आगे बढ़ने के लिये बारह मूल मंत्र बताये। उन्होंने कहा देश की दशा और दिशा सुधारने में विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।श्री जोशी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि बच्चों को ऐसी शिक्षा दी जाए जो बेहतर इंसान और देश का नागरिक बना सके।उन्होंने विद्यार्थियों को नसीहत दी कि अहंकारी का घर हमेशा खाली रहता है,इसलिए कभी अपने अंदर घमण्ड न आने दे।
श्री वैष्णव विद्यापीठ के कुलाधिपति एवं श्री वैष्णव ट्रस्ट समूह के अध्य्क्ष पुरुषोत्ताम पसारी ने वैष्णव ट्रस्ट की गतिविधियों की जानकारी देते हुए सभी को वार्षिक उत्सव की शुभकामनाएं प्रेषित की।
प्रबंध वर्ग की ओर से अध्य्क्ष मनोहरजी बाहेती ने महाविद्यालय की गत 53 वर्षों की लगातार उपलब्धियो से रूबरू करवाया। प्राचार्य डॉ. पारितोष अवस्थी ने महाविद्यालय की वार्षिक गतिविधियों का विवरण दिया।
वार्षिक उत्सव में विद्यर्थियों ने सांकृतिक कार्यक्रमो की रंगारंग छटा बिखेरी। देशभक्ति की प्रस्तुति के दौरान पूरा माहौल राष्ट्र प्रेम में झूम उठा। महाविद्यालय की छात्राएं कु. वंशिका एवं समूह ने मराठी लावणी से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। निर्मल गौड़ एवं समूह ने सूफी गीत प्रस्तुत कर समां बांधकर माहौल रूहानी कर दिया।समाज मे हो रहे बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार को एक नाटक द्वारा प्रस्तुत किया गया।और बताया कि बुज़ुर्गों से ही घर की रौनक है।
इसी श्रृंखला में वर्षभर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रम, प्रतियोगिता में अंतरराष्ट्रीय- राष्ट्रीय स्तर पर विजयी और मेधावी व प्रतिभशाली विद्यर्थियों को पुरस्कृत किया गया। मंच संचालन प्रो. विभोर एरन द्वारा किया गया।देवेंन्द्र नागर ने आभार माना।