नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने एक करोड़ मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांगा और किए सवाल

 

खबरनेशन/Khabarnation

किसान मंगल यादव की मौत मुआवजा न मिलने और अनशन पर बैठने के कारण हालत बिगड़ने पर हुई
समुचित इलाज नहीं मिला

मौत के कारणों को छुपाने के लिए पोस्टमार्टम भी नहीं कराया जिला प्रशासन ने
गरीबी के कारण परिवार इलाज नहीं करा सका

ग्रामीणों के आक्रोश देखते हुए मुख्यमंत्री ने अपनी यात्रा के दौरान डुमरा की सभा रद्द की
कांग्रेस विधायकों की जांच रिपोर्ट के निष्कर्ष


 

भोपाल, छतरपुर जिले के ग्राम डुमरा के किसान मंगल सिंह यादव की मौत मुआवजा न मिलने, अनशन पर बैठने, जिला प्रशासन द्वारा समुचित इलाज उपलब्ध न कराने और परिवार के पास इलाज के पैसे न होने के कारण हुई। मौत के बाद पोस्टमार्टम करवाने के लिए लगभग दस घंटे डुमरा तिराहे पर लाश रखकर ग्रामीणों ने चक्काजाम किया लेकिन न तो जिला प्रशासन पहुंचा और न ही पोस्टमार्टम करवाया गया ताकि मौत के असली कारणों का खुलासा न हो सके। आज तक मंगल सिंह यादव और ग्राम डुमरा के किसानों को एक साल पहले की सूखा राहत राशि नहीं मिली है। ग्रामीणों का आक्रोश देखकर मुख्यमंत्री ने जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान डुमरा में अपनी सभा रद्द कर दी। यह रिपोर्ट कांग्रेस विधायकों की जांच समिति के सदस्य विक्रम सिंह नातीराजा और खरगापुर विधायक श्रीमती चंदा गौर ने दी। नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा है कि किसान मंगल सिंह यादव की यह मौत शिवराज तंत्र की असफलता असहिष्णुता और असंवेदनशीलता के साथ ही मुआवजा राशि न मिलने के कारण हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मांग की है कि मंगल सिंह यादव के परिवार को एक करोड़ की आर्थिक मदद और परिवार के एक सदस्य को तत्काल नौकरी दें और मौत की जिम्मेदारी किसान पुत्र मुख्यमंत्री लें और अपने पद से इस्तीफा दें।

          नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने मुख्यमंत्री से इन सवालों के जवाब देने को कहा:-

1-       किसान मंगल यादव का पोस्टमार्टम क्यों नहीं करवाया गया।

2-       जब गंभीर रूप से मंगल यादव बीमार था। छतरपुर में डाक्टर ने अपने पर्चे में दिमाग की नस फट जाना बताया और उसे ग्वालियर गजराजा मेडिकल अस्पताल रैफर किया तो अस्पताल ने मंगल यादव को डिस्चार्ज कर परिजनों को घर ले जाने की अनुमति क्यों दी।

3-       जब परिजनों ने बताया कि उनके पास पैसे नहीं है तो जिला प्रशासन ने उसके इलाज की व्यवस्था क्यों नहीं की।

4-       17 जुलाई को गांव वालों और मंगल यादव के परिजनों ने कलेक्टर की जन सुनवाई में एक ज्ञापन देकर अस्पताल में भर्ती मंगल यादव की हालत खराब होने और बेहोश रहने की सूचना दी तो कलेक्टर ने कोई कार्यवाही क्यों नहीं की।

5-       किसान मंगल यादव की मौत के बाद ग्रामीण दस घंटे तक शव रखकर चक्काजाम करते रहे तो वहां जिम्मेदार अधिकारी क्यों नहीं पहुंचे और पोस्टमार्टम क्यों नहीं किया।

6-       मुख्यमंत्री इसी दौरान 25 जुलाई को जब राजनगर जन (जबरन) आशीर्वाद यात्रा के दौरान गए तो ग्राम डुमरा में प्रस्तावित सभा का स्थान क्यों बदला गया।

7-       मुख्यमंत्री डुमरा के पास से गुजर गए वे क्या दो मिनिट मंगल यादव के परिवार से शोक व्यक्त करने नहीं जा सकते थे।

 

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