हमारी झोली उपलब्ध्यिों से भरी हैं, उसे लेकर बूथ-बूथ तक पहुंचें: सौदान सिंह
प्रदेश पदाधिकारियों के बीच राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री सौदान सिंह ने कहा हैं कि भारतीय जनता पार्टी की मूल ताकत उसके उन कार्यकर्ताओं के भीतर हैं, जो बूथ स्तर तक सक्रिय रहकर पार्टी के विचार और सरकार की योजनाओं को लेकर समाज के बीच काम करते हैं, इसलिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को मंडल और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ विशेष आत्मीयता के साथ संवाद करते हुए उसकी बात को ध्यान से सुनना चाहिए। यही कार्यकर्ता सही फीडबैक देता हैं और आमजन की छोटी-छोटी समस्याओं को लेकर नेतृत्व को अवगत कराता हैं। यह बात सिंह ने यहां आयोजित प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में कही। इस अवसर पर मुख्य
मंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद नंदकुमार सिंह चौहान, प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत तथा सह संगठन महामंत्री अतुल राय सहित पार्टी के सभी प्रदेश पदाधिकारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर सौदान सिंह ने पार्टी के संभागीय प्रभारियों से विशेष रूप से कहा कि उनकी भूमिका संगठन में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इसलिए जो भी प्रदेश उपाध्यक्ष अथवा महामंत्री संगठन के संभाग प्रभारी हैं, वे अपने प्रवास के क्रम को बढ़ाते हुए मंडल स्तर तक कार्यकर्ताओं से विस्तृत बातचीत करें। संभाग प्रभारी का कार्य ही संभाग की सारी चिंता करना हैं। उन्होंने कहा कि जब भी नेतृत्व के लोग प्रवास पर जायें, तो कार्यकर्ता को विस्तार से सुनना हैं, ऐसा विचार करके ही जायें। भाजपा का कार्यकर्ता चूंकि बेहद भावनात्मक और वैचारिक कार्यकर्ता हैं, इसलिए उसके पास कहने के लिए संगठनात्मक मजबूती से जुड़े विषय ही होते हैं। इसका मतलब यह हैं कि मंडल और बूथ के कार्यकर्ता का फीडबैक बहुत महत्वपूर्ण होता हैं।
सौदान सिंह ने इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष जी के प्रवास के दौरान बताये गये कार्यों की पूर्णता की समीक्षा की और पाया कि अधिकांश निर्देशों का पालन किया जा चुका हैं। इस अवसर पर सह संगठन महामंत्री सौदान सिंह ने पार्टी पदाधिकारियों से कहा कि वे प्रभारी मंत्रियों से बात करके जिलों में समस्या समाधान शिविर जैसे आयोजन करा सकते हैं। ऐसे शिविरों का समाज को बड़ा लाभ होता हैं क्योंकि छोटी-मोटी समस्याएं स्थान पर ही निपट जाती हैं।
उन्होंने बहुत ही स्पष्ट रूप से कहा कि संगठन के कार्यकर्ताओं का काम ही सरकार बनाना हैं और चूंकि भारतीय जनता पार्टी की सरकारों ने केंद्र से लेकर मध्यप्रदेश तक सभी समाजों और वर्गों के उत्थान के लिए व्यापक काम किये हैं, इसलिए कार्यकर्ता के लिए फिर से सरकार बनाना अधिक आसान हो गया हैं। सिर्फ हमें इतना करना हैं कि अपने सरकार के कामों की व्यापक चर्चा समाज के बीच में करनी हैं। इसके लिए स्वयं भी व्यापक अध्ययन कर बिंदु बनाएं।
यदि हमारे मंडल और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को कुछ विषयों की जानकारी नहीं हैं तो उन्हे वरिष्ठ पदाधिकारी बिंदुवार जानकारी अपने प्रवास के दौरान प्रदान करें। सौदान सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश का समाज यह अच्छी तरह जानता हैं कि 2003 से पूर्व मध्यप्रदेश के हालात क्या थे।
सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, सिंचाई सहित तमाम ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर हमारी सरकारों ने तावड़तोड़ काम किये हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना और उज्जवला योजना हो अथवा मुख्यमंत्री मेधावी छात्रवृत्ति योजना हो। ऐसी तमाम योजनाएं हैं जिन पर हम गर्व कर सकते हैं और समाज के भीतर सकारात्मक चेतना का जागरण कर सकते हैं। यह सारी योजनाएं बेहद असरकारी हैं लेकिन उन्हें नीचे तक ले जाने की भी बेहद आवश्यकता हैं। इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ में चल रहे लोक स्वरोजगार अभियान की प्रशंसा भी की।
उन्होंने प्रत्येक बूथ पर 50 से 60 कमल के फूल बनवाकर सकारात्मक माहौल बनाने का सुझाव भी दिया। साथ ही यह भी कहा कि पिछले चुनाव में जिन बूथों पर हमारी स्थिति कमजोर रही थी, उनके सशक्तिकरण के लिए अधिक पसीना बहाने की आवश्यकता हैं। यह कार्य भाजपा कार्यकर्ता के लिए बहुत कठिन नहीं हैं क्योंकि जो कार्यकर्ता मध्यप्रदेश में एक करोड़ से अधिक सदस्य बना सकता हैं, वह केवल इन सदस्यों तक व्यवस्थित तरीके से पहुंच जाये तो भी हमें अगली बार सरकार बनाने से कोई नहीं रोक सकता। बूथ स्तर पर पूर्व से बने सदस्यों के साथ-साथ 25-30 नये साधारण सदस्य भी बनाये जाने चाहिए और इन सभी सदस्यों को पार्टी के निर्धारित 6 कार्यक्रमों में शामिल करके सक्रिय करना चाहिए। उन्होंने पदाधिकारियों से अपील की कि आने वाले 6 महीने सारे काम छोड़कर हमें अपना रोडमेप बनाकर मैदान में उतरना हैं। चूंकि हमारे पास समाज को बताने के लिए असंख्य उपलब्धियां हैं इसलिए हमारे समय समर्पण का पूरा लाभ मिलेगा। ऐसा कोई बूथ नहीं हैं जिसके किसी परिवार को सरकार की किसी योजना का लाभ न मिला हो। प्रत्येक परिवार में हमारी सरकार का हितग्राही मौजूद हैं, ऐसे हितग्राहियों के सम्मेलन भी करने की आवश्यकता हैं।
अपने नाम को सार्थक करें ‘‘मोर्चा’’
प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक के बाद सौदान सिंह ने पार्टी के सातों मोर्चाें के प्रदेश अध्यक्षों तथा महामंत्रियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि हमारे मोर्चे ‘मोर्चा’ शब्द के अनुकूल किसी भी प्रकार का मोर्चा लेने में समर्थ हैं। हमारा एक-एक मोर्चा इतना सामथ्र्यवान हैं कि यदि अकेला ही तय कर ले तब भी सरकार बनाने से हमें कोई नहीं रोक सकता। इसके लिए कुछ मोर्चों को लोकसभा स्तर को इकाई मानकर बड़े-बड़े सम्मेलन करने की आवश्यकता हैं और सम्मेलनों के माध्यम से मोर्चे से संबंधित समाज को यह बताये जाने की आवश्यकता हैं कि जो काम कांग्रेस ने 70 सालों के शासन में नहीं किये उससे कई अधिक कार्य हमारी सरकारों ने केवल 14-15 वर्षों में कर दिखाये हैं। मध्यप्रदेश 2003 से पहले एक बीमारू राज्य था, जो आज विकासशील राज्य के बाद विकसित राज्य की श्रेणी में खड़ा हो रहा हैं। इन बड़े-बड़े सम्मेलनों में यह बात बताई जाना आवश्यक हैं कि विकास की यह यात्रा कितनी तय की जा चुकी हैं।
बैठक में युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, अनुसूचित जाति और जनजाति मोर्चा, पिछड़ा वर्ग मोर्चा एवं किसान मोर्चा आदि ने पूरे उत्साह के साथ इस प्रकार के बड़े सम्मेलन कर सरकार की उपलब्धियों को जनता के बीच में ले जाने पर अपनी सहमति दी। मोर्चा अध्यक्षों ने कहा कि वे संगठन की अपेक्षा से भी बड़े सम्मेलन लोकसभा स्तर पर करने का प्रयत्न करेंगे। इस अवसर पर सभी मोर्चा अध्यक्षों ने पिछले 3महीनों का कार्य प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किया। (खबरनेशन)