गृहणियों के लिए उज्जवला योजना वरदान बनी

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि ग्रामीण ग्रहणियों के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के लिए उज्जवला योजना वरदान साबित हुई हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसके लिए सक्षम उपभोक्ताओं से गैस पर मिलने वाली सब्सिडी सरेंडर करने का अनुरोध किया था। एक करोड़ उपभोक्ताओं ने सब्सिडी सरेंडर करके अपना योगदान दिया हैं। 1 मई 2016 से उज्जवला योजना आरंभ की गयी। उज्जवला योजना में सवा तीन करोड़ ग्रामीण गरीब परिवार की महिलाओं को सवा तीन करोड़ एवं मध्यप्रदेश में लगभग 31 लाख 39 हजार से अधिक गैस कनेक्शन निशुल्क वितरित किए जा चुके हैं। महिलाओं और परिवारजन के स्वास्थ्य पर अनुकूल प्रभाव पड़ा हैं।
 

उन्होंने कहा कि पर्यावरणविद वैज्ञानिकों का कहना हैं कि परंपरागत रूप से लकड़ी और उपले से चूल्हा जलने पर जितना धुंआ सांस से अंदर जाता हैं। वह एक घंटे में चार सौ सिगरेट जलने के बराबर होता हैं। इससे बच्चों में न्यूमोनिया और बड़ो को फेफडे की बीमारी होती हैं। गैस चूल्हे के प्रचलन से स्वास्थ्य हानि से बचा जा सकेगा।
 

गौर ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उज्जवला योजना का लक्ष्य पांच करोड़ से बढ़ाकर 8 करोड़ गैस कनेक्शन देना बना दिया हैं। इससे 8 करोड़ ग्रामीण घरों में गैस चूल्हा पहुंचेंगे और महिला स्वास्थ्य संवर्धन और सशक्तिकरण होगा। इस कार्य पर 8हजार करोड़ रूपए खर्च होंगे। केन्द्र सरकार ने गैस कनेक्शन के लिए मिलने वाले सिलेंडर की साईज छोटी करके कम मूल्य में मिलने वाले सिलेंडरों को लोकप्रिय बनाने पर भी विचार किया हैं जिससे कम वजन के सिलेंडर उनकी पहुँच के भीतर हो जायेंगे। कम पैसों में गुजारा संभव होगा।

(खबरनेशन / Khabarnation)
 

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