कृषि की आधुनिक तकनीक अपना रही आदिवासी महिला कृषक
भोपाल। मध्यप्रदेश में खेती को लाभ का धंधा बनाये जाने के लिये राज्य सरकार ने परम्परागत फसलों के साथ-साथ किसानों को उद्यानिकी फसलें लेने की समझाइश दी हैं। शहडोल जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर ग्राम विचारपुर की आदिवासी महिला किसान चिन्ताबाई ने आधुनिक खेती की तकनीक को अपना कर लाभ अर्जित किया हैं।
आदिवासी महिला कृषक चिन्ताबाई पूर्व में जमीन ठेके पर लेकर सब्जी की पैदावार करती थीं और उसे बेचकर लाभ अर्जित करती थीं। इसके बाद उन्होंने 4 एकड़ जमीन ग्राम विचारपुर में खरीदी और ट्यूबवेल लगाने के लिये 50 हजार रुपये की राशि योजना में प्राप्त की। महिला किसान की सब्जी उत्पादन बढ़ाने की इच्छा को देखते हुए कृषि और उद्यानिकी विभाग ने उन्हें सब्जी उत्पादन का प्रशिक्षण दिया। चिन्ताबाई को आधुनिक शंकर बीजों को अपनाने की समझाइश दी गई। उन्हें यह भी बताया गया कि कम पानी में पकने वाली फसल किस तरह से ली जा सकती हैं।
आदिवासी महिला किसान ने आधुनिक उत्पादन की तकनीक को सीखा और अपने 4 एकड़ के खेत में फूलगोभी, पत्तागोभी, आलू, प्याज, लहसुन, करेला समेत अन्य सब्जियाँ लगाईं। आधुनिक तकनीक अपनाने से फसल की पैदावार में अच्छा-खासा इजाफा हुआ। आज वे खेत में हुई सब्जी की पैदावार को बेचकर भरपूर आमदनी प्राप्त कर रही हैं। अब बच्चों की शिक्षा पर भी राशि खर्च कर रही हैं। अपने खेत के पास पक्का मकान भी बनवा लिया हैं। चिन्ताबाई अब आसपास की महिलाओं के लिये मिसाल बन गई हैं। (खबरनेशन / Khabarnation)