कार्पोरेट को बैंकों से मिलने वाले कर्ज की प्रक्रिया में सुधार के लिए कड़ा कानून समय की आवश्यकता

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता डॉ. दीपक विजयवर्गीय ने कहा कि पहली बार नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार द्वारा कार्पोरेट सेक्टर को मिलने वाले कर्ज की प्रक्रिया को आॅल प्रूफ बनाने और आर्थिक अपराधी के भगोड़ा होने पर उसकी संपत्ति जप्त किए जाने जैसे कड़े कानून की आवश्यकता समझी गयी हैं। पूर्ववर्ती सरकारों की लापरवाही का खामियाजा देश को भुगतना पड़ा हैं।
 

उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने सभी बैंको के कोर सिस्टम को 30 अप्रैल तक स्विफ्ट (सोसायटी फार वर्ल्ड वाइड इंटरबैंक फायनेंशियल टेली कम्यूनिकेशन) से लिंक करने को कहा गया हैं। हाल की गड़बडियों का कारण पंजाब नेशनल बैंक का कोर सिस्टम स्विफ्ट से जुड़ा हुआ नहीं होना था। स्विफ्ट एक चेक और बैलेंस हैं। इसके अभाव में पंजाब नेशनल बैंक से यह धोखाधड़ी जारी रही। कोई गड़बडी का अता पता नहीं चल सका।
 

डॉ. विजयवर्गीय ने कहा कि वित्त मंत्रालय को खुफिया इकाई से 9500 बैंकिंग वित्तीय कंपनियों का पता चला हैं जो उच्च जोखिम वाले संस्थाओं ने की गणना में आती हैं। इनमें मनी लाड्रिंग एक्ट का उल्लंघन होता रहा हैं। नोटबंदी के दौरान इन कंपनियों ने फरेब कर नोटबंदी में भी लाभ कमाया। उन्होंने कहा कि बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों में व्याप्त व्यवस्था गत कदाचरण को समाप्त करने के लिए वित्त मंत्रालय द्वारा बनाए जा रहे कड़े कानून से देश की वित्तीय सुरक्षा मजबूत होगी। यह मोदी सरकार का ऐतिहासिक दूरदर्शितापूर्ण कदम होगा। (खबरनेशन / Khabrnation)
 


 

Share:


Related Articles


Leave a Comment