रानी दुर्गावती महिला चिकित्सालय ने लगातार पाया एक्सीलेंस अवार्ड

भोपाल। केन्द्र सरकार के काया-कल्प अभियान के मापदण्डों और मूल्यांकन के आधार पर जबलपुर का रानी दुर्गावती महिला चिकित्सालय (लेडी एल्गिन हॉस्पिटल) प्रदेश के सभी 110 सिविल अस्पतालों में लगातार दूसरे वर्ष उत्कृष्ट पाया गया। सिविल अस्पताल श्रेणी में अर्जित इस उपलब्धि के लिए प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने 7 अप्रैल 2018 को विधानसभा के मानसरोवर हॉल में अस्पताल की अधीक्षक डॉ नीता साहू, आर.एम.ओ. डॉ संजय मिश्रा को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह कन्टीन्यूड एक्सीलेंस अवार्ड और दस लाख रूपए की पुरस्कार राशि प्रदान किया। इस मौके पर लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री रूस्तम सिंह भी मौजूद थे। 

स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण, जैव अपशिष्ट प्रबंधन, सहायक सेवाओं, सफाई उन्नयन, मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक चिकित्सा सुविधा मुहैंया कराने के मामले में रानी दुर्गावती महिला चिकित्सालय पिछले दो वर्षों से प्रदेश में अव्वल बना हुआ हैं। काया-कल्प अभियान के तहत 6 क्षेत्रों के 250 बिंदुओं के मानकों के आधार पर क्वालिटी एंश्योर्ड कौंसिल की टीम द्वारा किए गए मूल्यांकन में जबलपुर के अस्पताल ने प्रदेश में सर्वाधिक 80.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट स्थान हासिल किया हैं।

रानी दुर्गावती चिकित्सालय की अधीक्षक डॉ निशा साहू ने बताया कि किसी बड़े निजी अस्पताल की तर्ज पर यहां हाईजीन प्रमोशन के लिए पेस्ट कंट्रोल, जैव अपशिष्ट प्रबंधन, द्रव अपशिष्ट प्रबंधन के लिए प्लांट और साफ पेयजल के लिए वाटर कूलर की व्यवस्था की गई। नया सीवेज सिस्टम, नया फर्नीचर के अलावा थ्री बफेट सिस्टम से दिन में चार बार अस्पताल के फर्श की सफाई होती हैं। स्टाफ को ग्लब्स, मास्क जैसे व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण उपयोग का कड़ाई से पालन कराया जाता हैं। सफाई व सुरक्षा कर्मियों की संख्या भी बढ़ाई गई हैं।

पिछले दो वर्ष में एक लाख 11 हजार 616 महिला मरीजों को आउटडोर परीक्षण कर चिकित्सा मुहैंया कराई गई। इसी अवधि के दौरान 29 हजार से अधिक मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया गया। इस दौरान 19 हजार से अधिक संस्थागत प्रसव हुए। जिसमें करीब 13 हजार प्रसव सामान्य और 6 हजार सीजेरियन ऑपरेशन के माध्यम से प्रसव कराए गए, जो अपने आप में चिकित्सालय के बेहतर रिकार्ड की ओर इंगित करता हैं। यहाँ सीजेरियन आपरेशन की तुलना में नार्मल डिलेवरी की संख्या कहीं ज्यादा हैं। करीब तीन हजार महिलाओं का टी.टी.ऑपरेशन किया गया। करीब 13 हजार महिलाओं को गर्भ निरोधक उपाय से सम्बन्धित कॉपर टी जैसे पोस्टपारटम इन्ट्राटेरीन कन्ट्रासेप्टिव डिवाइस लगाए गए। (खबरनेशन / Khabarnation)
 

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