अविश्वास प्रस्ताव एनडीए के लिए वरदान साबित हुआः संजर


खबरनेशन/Khabarnation
                भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व सांसद आलोक संजर ने कहा कि विपक्ष द्वारा संसद में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव ने जहां विपक्ष के सहयोगी दलों की दरारे चौड़ी कर दी, वहीं एनडीए के लिए वरदान साबित हुआ है। एनडीए के गठबंधन के लिए नए संकेत उभर कर सामने आ गए है। अन्नाद्रमुक ने सदभावना प्रकट की है।

                उन्होंने कहा कि मिशन 2019 के लिए लोकसभा चुनाव के पहले विपक्ष की रणनीति पर जिस तरह की बढ़त हासिल करने का एनडीए का लक्ष्य था उसे अविश्वास प्रस्ताव लाकर टीडीपी और कांग्रेस ने समय के पहले ही पूरा करने में मदद की है। श्री संजर ने कहा कि कांग्रेस ने तेलगू देशम के अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने में रूचि ली लेकिन कांग्रेस भूल गयी कि तेलगू देशम पार्टी कांग्रेस को शत्रु मान चुकी है। कांग्रेस ने ही टीडीपी के प्रबल विरोध के बाद आंध्र का बंटवारा कर दिया जिसका खामियाजा आज चन्द्रबाबू नायडू को भुगतना पड़ रहा है। ऐसे में कांग्रेस और टीडीपी का केर बेर का संग हो चुका है। जहां तक टीआरएस का संबंध है तेलंगाना में कांग्रेस का नामोनिशान नहीं है, इसलिए संबंध जुड़ने का सवाल नहीं उठता।

                संजर ने कहा कि अन्नाद्रमुक ने पहले ही एनडीए का दामन थाम लिया है। डीएमके को कांग्रेस का साथ देना है, लेकिन लोकसभा में डीएमके की उपस्थिति नगण्य है। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति इतनी लाचार है कि उसे सपा और बसपा की हर शर्त स्वीकार करना लाचारी होगी। बिहार में जो भी है सब लालूप्रसाद यादव की मर्जी पर निर्भर रहेगा। इस तरह नरेन्द्र मोदी और एनडीए के ठोस धरातल पर कांग्रेस और उसके प्रस्तावित गठबंधन की उपस्थिति बालू का ढेर है। लोकसभा में 47 सदस्यों की उपस्थिति में कांग्रेस यदि गठबंधन के नेतृत्व की चाहत रखती है तो इसके लिए उसके सामने सबसे बड़ी मजबूरी उसका कमजोर नेतृत्व है। साथ ही उसे गठबंधन का नेता सिर्फ कांग्रेस ही मानती है। शेष दल राहुल गांधी के कृतित्व और क्षमता को स्वीकार ही नहीं कर पाए है, फिर नेशनल कांफ्रेस जैसे अनेक राजनैतिक दल कह चुके है कि नरेन्द्र मोदी का नेतृत्व देश के लिए 2024 तक अपरिहार्य है। इसके पहले इस पद की अभिलाषा विपक्ष के लिए दिवा स्वप्न से अधिक कुछ नहीं है। विपक्ष कुछ भी कर ले देश की जनता का श्री मोदी पर अटूट भरोसा कायम है जिसे देश मोदी का करिश्मा मान चुका है।

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