सौर ऊर्जा पम्प से घर बैठे कर रहे खेतों में सिंचाई
भोपाल। नीमच जिले के किसान आज कुछ ऐसा कर रहे हैं, जो देश के सामने मिसाल बन गया हैं। इस बदलाव का मुख्य कारण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की डिजिटल इण्डिया की सोच हैं। जहाँ किसान पहले अपने खेत में खड़ी फसल की सिंचाई के लिए रातभर जागने को मजबूर हुआ करते थे, वहीं अब उन्हें घर बैठकर एक क्लिक पर सिंचाई करने की सुविधा मिल गई हैं।
नीमच जिले के जावद तहसील के ग्राम अठाना के कुछ किसानों ने सौर ऊर्जा पम्प का फायदा लेने के लिये पहल की हैं। सोलर पम्प योजना में एक किसान को 72 हजार रुपये का खर्च आया हैं। शेष राशि राज्य शासन द्वारा अनुदान के रूप में दी गई हैं। सोलर पम्प को खेत में लगाने के बाद किसान को रात्रि में खेत में जागने की जरूरत नहीं रही हैं। किसान घर बैठे ही एंड्रायड मोबाइल के माध्यम से सिंचाई कर सकते हैं। सौर ऊर्जा से पम्प करीब 10 से 11 घंटे चलाया सकता हैं। इस योजना से किसान खुश हैं। सौर ऊर्जा पम्प से उन्हें बिजली के बिलों के भुगतान से भी मुक्ति मिल गई हैं और वहीं उन्हें सिंचाई के लिये 3 फेज में बिजली आने का इंतजार भी नहीं करना पड़ता हैं।
नीमच जिले में 35 किसानों को सौर ऊर्जा पम्प की स्वीकृति देकर उनके खेत में सिंचाई पम्प लगाए गये हैं। अक्षय ऊर्जा अधिकारी बताते हैं कि 5 हार्स-पॉवर के सोलर पम्प इकाई की लागत करीब पौने 5 लाख रुपये हैं। इसमें 72 हजार रुपये किसान को जमा करने होते हैं, शेष राशि किसान को राज्य शासन से अनुदान के रूप में मिलती हैं। (खबरनेशन / Khabarnation)