दिव्यांग जीनाराम ने शुरू किया स्वयं का रोजगार

भोपाल। छिन्दवाड़ा जिले के मोहखेड़ विकासखंड की ग्राम पंचायत डोडिया के पोषक ग्राम दीवारघोंदी निवासी 28 वर्षीय जीनाराम उइके को वर्ष 2007 में प्रकृति ने 70 प्रतिशत दिव्यांगता की श्रेणी में खड़ा कर दिया था। छ: भाई-बहनों के बीच खुद को इस स्थिति में पाकर वह थोड़ा निराश तो हुआ, किंतु प्रदेश सरकार की योजनाओं ने उसके जीवन में उत्साह का संचार किया। 

जीनाराम ने वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री जन-धन योजना में 10 हजार रूपये का लोन लेकर किराना दुकान की शुरूआत की। पूरी लगन और मेहनत के साथ दुकान चलाने लगा। आज वह अपने स्व-रोजगार से बहुत प्रसन्न है। हर माह अपने रोजगार से हजार-बारह सौ की बचत हो जाती है।

वर्ष 2016 में जीनाराम ने अपने गांव से 15 किलोमीटर दूर एक दिव्यांग युवती से मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह सम्मेलन में विवाह किया तो 50-50 हजार रूपये की राशि नि:शक्त विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत प्राप्त हुई। इस राशि में से कुछ राशि अपनी दुकान को बढ़ाने और अन्य संसाधन जुटाने में लगाई। अब जीनाराम पहले की तुलना में अधिक सुखी है। (खबरनेशन / Khabarnation)

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