साक्षी मिश्रा-अजितेश के विवाह के मामले में व्यक्त गोपाल भार्गव के विचार महिला विरोधी: शोभा ओझा
खबर नेशन/Khabar Nation
साक्षी मिश्रा-अजितेश के विवाह के मामले में व्यक्त गोपाल भार्गव के विचार महिला विरोधी व उकसाऊ भाजपा की महिला विरोधी सोच, उसे संघ और गुरु गोलवलकर से विरासत में मिली है
भोपाल. मध्यप्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग की अध्यक्षा शोभा ओझा ने कहा कि बरेली में विधायक पुत्री साक्षी मिश्रा और अजितेश कुमार के द्वारा किए गए प्रेम विवाह के मामले में मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ भाजपा विधायक गोपाल भार्गव द्वारा ट्विटर पर व्यक्त किए गए निम्न स्तरीय विचारों से साफ हो गया है कि ‘‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’’ का नारा देने वाली भाजपा का असली ‘चाल, चरित्र और चेहरा’ क्या है?
आज जारी अपने वक्तव्य में प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के विचारों पर उक्त प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ओझा ने आगे कहा कि श्री भार्गव का यह कहना कि ‘ऐसी खबरों से अब कन्या भ्रूण हत्या की घटनाएं देश में अप्रत्याशित रूप से बढ़ेंगी तथा महिला-पुरुष के लिंगानुपात में भारी अंतर आएगा।’ बेहद आपत्तिजनक, महिला विरोधी और उकसाऊ है।
ओझा ने कहा कि देश की आधी आबादी के अपमान के साथ ही भाजपा नेता गोपाल भार्गव ने परोक्ष रूप से पुरातन रूढ़िवादी, जातिवादी व्यवस्था का ही समर्थन किया है और इससे यह भी पता चलता है कि भाजपा का नकली ‘हिंदुत्व’ आखिर कितना खोखला है, जिसकी ‘जातीय एकता’ की पोल एक अंतरजातीय विवाह से ही खुल जाती है।
अपने बयान के अंत में ओझा ने कहा कि दरअसल यह भाजपा के नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव की ही नहीं, पूरी भारतीय जनता पार्टी की वह सामूहिक सोच है, जो उसे संघ और उसके सर्वाधिक पूज्य गुरु गोलवलकर से उसे विरासत में मिली है।