उमा के सितारे गर्दिश में

राजनीति Jul 07, 2019

खबर नेशन/Khabar Nation  

अपने जमाने में तेज तर्रार नेता मानी जानी वाली या कही जानी वाली भाजपा की उमा भारती जो कि मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केन्द्रीय मंत्री भी रह चुकी हैं के सितारे आज कल कुछ तो गर्दिश में ही चल ही रहे हैेैं।

इस बात की सब से बडी वजह यह है कि उमा ने पिछला लोक सभा चुनाव नहीं लडा और इस कारण भाजपा के सत्ता में फिर से आने के बाद भी वो एक बार और केन्द्रीय मंत्री नहीं बन सकी।

उमा ने 2014 का लोक सभा चुनाव उत्तर प्रदेश के झांसी से लडा था पर इस साल के संसदीय चुनाव के पहले ही उन्होंने घोषणा कर दी थी कि अब की बार वो नहीं लड़ेगी।

एक बार यह चर्चा भी चली की अब की बार उमा भोपाल से भाजपा की उम्मीदवार होगी पर ऐसा नहीं हुआ और अंत में पार्टी ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को भोपाल से टिकट दे दिया।

उमा को इस बात के लिये सब से ज्यादा जाना जाता है कि 2003 में उन के नेता रहते ही भाजपा ने मध्यप्रदेश में कांग्रेस की उस दिग्विजय सिंह सरकार को बेदखल किया था जो कि 1993 से 10 साल से सत्ता में थी।

उमा के नाम पर एक और बड़ी जीत भोपाल के संसदीय क्षेत्र से भी दर्ज है जहां पर उन्होंने एक बार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेश पचौरी को बहुत ही अच्छे मतों से हरा दिया था।

2003 में भाजपा के विधान सभा चुनाव जीतने के बाद उमा मध्यप्रदेष की मुख्यमंत्री तो बन गई पर वे  बहुत ज्यादा समय तक नहीं रही।

अब तो फिर से राजनीति में कुछ कर पाना उमा के लिये जरा तो कठिन ही लग रहा है। अगले लोक सभा चुनाव को अभी लगभग पांच साल का समय है और विधान सभा चुनाव भी अब 2023 में ही होंगे।

अभी तो यह भी कहना कठिन है कि उमा इन में से कौन सा चुनाव लडना चाहेंगी या फिर पार्टी उन को किस चुनाव के लिये टिकट देगी।

इस का मतलब यह है कि उमा को फिर से सक्रिय होने में कम से कम चार या पांच साल का समय लग जायेगा। और अब यह देखना होगा कि तब तक वो किस तरह से अपने आप को व्यस्त रख पाती हैे।

 

 

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