आचार संहिता हटते ही प्रदेश सरकार का तबादला उद्योग फिर से चालू हुआ: गोपाल भार्गव
नेता प्रतिपक्ष ने कहा अंतर्विरोधों से बेचैन कांग्रेस नेताओं की नींद उड़ी हुई है।
खबरन नेशन/ Khabar nation
भोपाल। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि कमलनाथ सरकार का एक मात्र काम सिर्फ तबादले करना रह गया है. प्रदेश सरकार इस बात का इंतजार ही कर रही थी कि कब आचार संहिता हटे और वह तबादला उद्योग फिर से शुरू कर अपने काम में लग जाये। 26 मई को चुनाव आयोग ने जैसे ही आचार संहिता हटाई तो प्रदेश सरकार ने अगले ही दिन तबादला उद्योग फिर से शुरू कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मध्यप्रदेश में तबादला उद्योग फिर से चालू हो गया है।
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि लोकसभा चुनाव के नतीजों ने स्पष्ट कर दिया है कि देश और प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को पूरी तरह नकार दिया है। कांग्रेस नेताओं को इस समय अपनी करारी हार पर चिंतन करने की आवश्यकता है, लेकिन हार का चिंतन करने के बजाय मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार अपने मूल काम तबादला उद्योग में फिर से जुट चुकी है। प्रदेश सरकार तबादला सूची लेकर तैयार ही बैठी थी।
अंतर्विरोधों से घिरी प्रदेश सरकार समय काट रही
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि कांग्रेस ने वक्त है बदलाव का नारा दिया था वह धीरे धीरे कांग्रेस सरकार के लिए सही साबित हो रहा है। अंतर्विरोधों से घिरी अलोकप्रिय प्रदेश सरकार का कब वक़्त बदल जाये कुछ कहा नही जा सकता। सरकार अपने कर्मों के कारण ही खुद गिर जाएगी। प्रदेश सरकार से जनता, कर्मचारी- अधिकारी वर्ग परेशान है, उनको समर्थन देने वाले भी हलाकान है, कांग्रेस के नेता ही संगठन में बदलाव की बात कर रहे है। कांग्रेस में राजा महाराजा की करारी हार के बाद कमलनाथ पर दबाव बढ़ा है। कांग्रेस सरकार के नीति निर्धारकों नींद उड़ी हुई है। मुख्यमंत्री को उनके ही विधायको पर विश्वास नही है। इसलिए चौकीदार चोर का नारा लगाने वाले अब खुद के विधायकों की चौकीदारी का जिम्मा मंत्रियों को सौप रहे है।