भाजपा को भी नहीं मालूम नरेन्द्र मोदी का असली रूप: कांग्रेस
खबरनेशन/Khabarnation
भोपाल
कांग्रेस ने भाजपा से प्रश्न किया है कि वह बताये कि नरेन्द्र मोदी का वास्तविक स्वरूप क्या है। उनकी असली भूमिका कौन सी है।
गुप्ता ने कहा कि नरेन्द्र मोदी 1950 में पैदा हुए और वडनगर स्टेशन में छह साल की उम्र से चाय बेची। जबकि वडनगर स्टेशन 1973 में बना और उस समय मोदी 23 साल के थे। उन्होंने बीस साल की उम्र में घर छोड़ा और 35 की उम्र तक भिक्षा मांगी, जिसका कोई सबूत नहीं है। फिर भी 10 वीं और 12 वीं की पढ़ाई वडनगर में कर ली और दिल्ली यूनिवर्सिटी से स्नातक भी कर लिया। मोदी एमए फस्र्ट क्लास थे और बीए थर्डक्लास थे। फिर भी 12 वीं फेल थे और आठवीं के बाद पढ़ाई छोड़ चुके थे।
गुप्ता ने कहा कि जब इमरजेंसी के समय मोदी भूमिगत थे तो 1978 में स्नातक भी कर लिया। शायद दिल्ली युनिवर्सिटी का एक भूमिगत एग्जाम रूम गुजरात में था। बिना ग्रेजुएशन सर्टिफिकेट के मोदी ने 1983 में गुजरात विश्वविद्यालय से एन्टायर पाॅलिटिकल साइंस में मास्टर डिग्री ले ली। पूरी दुनिया में एन्टायर पाॅलिटिकल साइंस में सिर्फ मोदी को डिग्री मिली हुई है। गुजरात विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों ने भी ये सब्जेक्ट 2014 के बाद पहली बार सुना। मोदी ने इस विषय में अकेले एडमीशन लिया और अकेले ही डिग्री ली। अभी तक कोई शिक्षक या छात्र नहीं मिला, जिसने मोदी को पढ़ाया हो या साथ पढ़ा हो।
गुप्ता ने बताया कि भारत में पहला कम्प्यूटर आने से पहले ही मोदी जी की डिग्री कम्प्यूटर से प्रिंट हो गयी थी। जिस फोंट को माइक्रोसाफ्ट में 1992 में विकसित किया था वह मोदी की डिग्री में 1983 में ही प्रयोग हो चुका था। मोदी की डिग्री भी रविवार को बनायी गयी थी, जिस दिन सारे स्कूल-काॅलेज बंद होते हैं।
मोदी पहले चाय वाला, फिर भिक्षार्थी, फिर गंगापुत्र, चैकीदार, प्रथम सेवक और फिर ओबीसी हो गये। अब पाटलीपुत्र की सभा में यदुवंश, श्रीकृष्ण और सुदर्शन चक्रधारी की बात करने लगे। मोदी ने 15 जून 2014 से 3 दिसंबर 2018 तक 92 देशों की यात्रा की। वे 60 महीने प्रधानमंत्री रहे, जिसमें 565 दिन यानी 18 महीने 25 दिन विदेश यात्रा पर रहे। मोदी 60 महीने में 22 महीने सफर ही करते रहे। इस दौरान कुछ 161 योजनाओं का एलान किया। जितना इनका बजट नहीं उससे ज्यादा योजनाओं के प्रचार पर खर्च कर दिया। तो यह रहा मोदीनामा, बाकी जुमले, किस्से वादे और दिखावे वर्तमान में जनता के सामने हैं।