सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से पकड़ी गई राफेल की चोरी, चौकीदार की सीनाजोरी: शोभा ओझा
केन्द्र सरकार ने चैकीदार की चोरी छिपाने के लिए सुप्रीम कोर्ट को भी बरगलाया
खबरनेशन/Khabarnation
भोपाल, प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार को दी गई क्लीन चिट की पुनर्विचार याचिकाओं पर केन्द्र की आपत्तियों को खारिज कर दिया हैं। प्रधान न्यायधीश रंजन गोगोई के साथ जस्टिस एस.के. कौल तथा जस्टिस के.एम. जोसेफ की तीन जजों की बेंच ने एकमत से कहा कि जो नए दस्तावेज सामने आये हैं, उनके आधार पर याचिकाओं का निपटारा किया जायेगा। यह उस मोदी सरकार के लिए बहुत बड़ा झटका है जो सुप्रीम कोर्ट को भी लगातार बरगलाते हुुए अपनी चोरी को छिपाने का असफल प्रयास कर रही थी। षीर्ष अदालत के निर्णय के बाद अब इस बात में कोई षक की गुंजाइष ही नहीं रह गई है कि देष का ‘‘चौकीदार’’ ही चोर है।
ओझा ने कहा कि चोर चैकीदार को बचाने के लिए केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को भी गलत तथ्यों के द्वारा बरगलाने की कोषिषें की हैं। केन्द्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में कहा गया था कि सीएजी की रिपोर्ट में मोदी सरकार को क्लीन चिट दी जा चुकी है। बाद में पता चला कि सीएजी रिपोर्ट तो बनी ही नहीं थी और न ही संसद में पेष हुई। सीधे-सीधे सुप्रीम कोर्ट की आंखों में धूल झोंकी गई। केन्द्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा की दुहाई देकर सुप्रीम कोर्ट को राफेल खरीद की कीमत बताने से इंकार कर दिया, ताकि यह सामने न आ सके कि 526 करोड़ का जहाज 1600 करोड़ में खरीद कर देष को चूना लगाया गया। सुप्रीम कोर्ट को यह भी नहीं बताया कि जहाज खरीद की कीमत के लिए बनाई गयी इंडियन नेगोसिएषन टीम (Indian Negotiation Team) को दरकिनार कर प्रधानमंत्री कार्यालय सीधे मोल-भाव (Parallel Negotiation) कर रहा था।
ओझा ने कहा कि केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से यह भी छिपाया कि राष्ट्रहित त्यागकर व राफेल जहाज बनाने वाली कंपनी डसाॅल्ट एविऐषन को फायदा पहुंचाने के लिए मोदी जी ने इंडियन नेगोसिएषन टीम/रक्षा मंत्रालय/कानून मंत्रालय की आपत्तियों को दरकिनार कर राष्ट्रहित में बैंक गारंटी की षर्त को खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट से यह भी छिपाया गया कि राफेल जहाज में लगने वाली इंडियन स्पेसिफिक एनहांसमेन्ट्स (Indian Specific Enhancements) के लिए मोदी सरकार ने 208 करोड़ रूपये प्रति जहाज अतिरिक्त देने का निर्णय कर लिया। सुप्रीम कोर्ट से यह भी छिपाया गया कि मोदी सरकार ने गुपचुप तरीके से राफेल खरीद सौदे में बिचैलिया न होने व भ्रष्टाचार पाए जाने पर कंपनी को सजा देने की षर्तों को खारिज कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट से यह भी छिपाया गया कि इंडियन नेगोसिएषन टीम के तीन टेक्निकल सदस्यों के मुताबिक राफेल जहाज आने में 10 साल लगेंगे, क्योंकि राफेल जहाज बनाने वाली कंपनी के पास 83 राफेल जहाज बनाने का बैकलाॅग आॅर्डर (Backlog Order) पहले से ही है।
ओझा ने कहा कि इस सारे मुद्दे का सार यह है कि जब इंडियन नेगोसिएषन टीम के सारे कागजात अखबार में सामने आ गए, तो मोदी जी ने आफिषियल्स सीक्रेट्स एक्ट का हवाला देकर, पत्रकारों को ही जेल भेजने की धमकी दे डाली। आज सच्चाई बाहर आ गई, जब सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि मोदी जी अपने भ्रष्टाचार के सबूतों को आफिषियल सीक्रेट्स एक्ट का हवाला देकर छिपा नहीं सकते और न ही खुद को बचा सकते हैं। चौकीदार की चोरी के सबूत सामने हैं। अब जांच भी होगी और चौकीदार और उसके दोस्तों को सजा भी मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से आज फिर ‘‘न्याय की जीत’’ हुई है। अब होगा न्याय।