कांग्रेस को बदनाम करने की हड़बड़ाहट में केन्द्र सरकार ने किया ‘सेल्फ गोल’: शोभा ओझा
आयकर विभाग की कार्यवाही से केन्द्र सरकार के ‘सरगना’ का षड्यंत्रकारी दिमाग और भाजपा नेताओं का भ्रष्टाचारी चेहरा हुआ बेनकाब
खबरनेशन/Khabarnation
भोपाल,प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने मुख्यमंत्री कमलनाथ जी के करीबियों के ठिकानों पर मारे गए आयकर विभाग के छापों को भाजपा की केंद्र सरकार के इशारे पर की गई द्वेषपूर्ण कार्यवाही बताते हुए कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार के तीन महीनों के कार्यकाल की सफलता और मुख्यमंत्री कमलनाथ जी की लोकप्रियता से घबराकर मारे गए इन छापों में कांग्रेस से संबंधित लोगों के पास कुछ नहीं मिला, जबकि भाजपा समर्थक अश्विन शर्मा के पास ही बड़ी रकम प्राप्त हुई है, साफ है कि कांग्रेस को बदनाम करने की हड़बड़ाहट में केंद्र सरकार ने ‘सेल्फ गोल’ कर लिया है।
ओझा ने कहा कि इन प्रायोजित छापों में मिगलानी और कक्कड़ के पास से कोई अघोषित या बेनामी संपत्ति नहीं मिली है। प्रवीण कक्कड़ ने तो आयकर विभाग की कार्यवाही के बाद स्वयं ही यह बयान दिया है कि उनके पास कोई बेहिसाब संपत्ति नहीं मिली है। वहीं दूसरी ओर अश्विन शर्मा ने यह कहा है कि ‘मैं भाजपा का आदमी हूँ।’ इन्हीं दो वाक्यों से सारा मामला साफ हो जाता है।
ओझा ने अपने बयान में आगे कहा कि आयकर विभाग की पूरी कार्यवाही भाजपा की केंद्र सरकार के इशारे पर रची गई साजिश प्रतीत होती है। क्योंकि आयकर विभाग द्वारा कार्यवाही से संबंधित विवरण का ट्वीट रात्रि 9.23 बजे आया लेकिन आश्चर्यजनक रूप से उसके 11 घंटे पूर्व ही सुबह 10.53 बजे भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का ट्वीट आ गया था, जिसमें ठीक उतनी ही रकम का उल्लेख था, जितना कि बाद में आयकर विभाग ने घोषित किया। इससे साफ है कि पूरी कार्यवाही में भाजपा के नेताओं और केंद्र सरकार की भूमिका थी।
ओझा ने कहा कि जब केंद्रीय चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि चुनाव के समय केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरूपयोग नहीं किया जाना चाहिए और यदि किसी वैधानिक कार्यवाही की आवश्यकता भी पड़ती है तो चुनाव आयोग की स्थानीय इकाईयों के संज्ञान में रखकर ही कोई कदम उठाना चाहिए, तब रात 3.30 बजे ऐसी कार्यवाही क्यों की गई जिसकी जानकारी प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वी.एल. कांताराव को समूची कार्यवाही के पश्चात सुबह 8 बजे दी गई। ओझा ने कहा कि प्रवीण कक्कड़ के घर रात 3 बजकर 30 मिनिट पर दरवाजे तोड़कर की गई यह कार्यवाही पूरी तरह से दुर्भावनापूर्ण और अमानवीय है। विभाग द्वारा गलत तरीके से की गई इस कार्यवाही के विरुद्ध प्रवीण कक्कड़ द्वारा न्यायालय की शरण भी ली गई है, जिसमें उनके द्वारा समूची कार्यवाही की वैधानिकता को चुनौती दी गई है।
ओझा ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के बाद जहां कांग्रेस पार्टी का दामन पूरी तरह से पाक साफ बनकर उभरा है। वहीं भाजपा की केन्द्र सरकार के ‘सरगना’ का षडयंत्रकारी दिमाग और भाजपा नेताओं का भ्रष्टाचारी चेहरा बेनकाब हो गया है। केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा चुनाव में अपनी आसन्न हार को देखते हुए केवल मध्यप्रदेश में ही नहीं, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु सहित पूरे देश में अपने राजनैतिक विरोधियों पर केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से विद्वेषपूर्ण कार्यवाही की जा रही है। सारा देश इन पक्षपातपूर्ण कार्यवाहियों और लोकतंत्र की हत्या के प्रयासों को गौर से देख रहा है और आने वाले चुनावों में भाजपा को इसका करारा जवाब देगा।