कर्जमाफी की तरह झूठ है राहुल गांधी की न्याय योजना: शिवराज सिंह चौहान
खबरनेशन/Khabarnation
भोपाल। मध्यप्रदेश का किसान कांग्रेस की झूठी कर्जमाफी से बेहाल और परेशान है। कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने बेशर्मी से कर्जमाफी का एक झूठ बोला और अब दूसरा झूठ न्यूनतम आय और गरीबी पर सर्जिकल स्ट्राइक की बात कर रहे हैं। राहुल गांधी ने जिस तरह किसानों को कर्जमाफी पर गुमराह किया अब न्याय योजना के नाम पर जनता को गुमराह कर रहे हैं। यह बात सोमवार को दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में पूर्व मुख्यमंत्री एवं पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान ने कही। श्री चौहान ने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा कर्जमाफी के झूठे वादे को लेकर मीडिया के समक्ष अपनी बात रखी।
अब तक 10 मुख्यमंत्री बदल दिए जाने थे
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार को 104 दिन से अधिक हो गए लेकिन किसी भी किसान का कर्ज माफ नहीं हुआ। राहुल गांधी ने 10 दिन के भीतर कर्जमाफी न किए जाने पर मुख्यमंत्री बदलने की बात कही थी। इस हिसाब से कम से कम 10 मुख्यमंत्री बदल दिए जाने थे, लेकिन न मुख्यमंत्री बदले गए और न ही किसानों का कर्ज माफ हुआ। राहुल गांधी कितने कान्फीडेंस से झूठ बोलते हैं, इसका प्रत्यक्ष उदाहरण झूठी कर्जमाफी है। उन्होंने कहा कि जिस दिन आचारसंहिता लगी उस दिन प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने चार घंटे पहले में किसानों के मोबाइल पर कर्जमाफी करने में असमर्थता के एसएमएस भेंज दिए। एक तरफ उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष कर्जमाफी की बात करते हैं वहीं उन्हीं की सरकार के मुख्यमंत्री किसानों को मैसेज करते हैं कि आचारसंहिता लग गई है चुनाव के बाद देखा जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों को संदेश भेजने में इतनी तत्परता मानों जैसे यह इंतजार कर रहे थे कि कब चुनाव आयोग प्रेस कांफ्रेंस करे और इनकी कर्जमाफी से जान छूटे।
आचार संहिता में किसान समृद्धि का लाभ मिल सकता है तो कर्जमाफी का क्यों नहीं ?
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस सरकार कर्जमाफी करने में आचार संहिता का बहाना लेकर एक ओर झूठ बोल रही है, जबकि आचार संहिता की नियमावली में स्पष्ट तौर पर लिखा है कि कोई भी ऐसी योजना जो पहले से चल रही है और जिसके लाभार्थी चिन्हित हैं, उसे आचार संहिता के अंदर जारी रखा जा सकता है। उन्होंने कांग्रेस से प्रश्न करते हुए कहा कि जब प्रधानमंत्री किसान समृद्धि योजना का लाभ किसानों के खाते में जा सकता है तो कर्जमाफी का पैसा क्यों नहीं जा सकता ? कर्जमाफी को लेकर मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार ने किसानों को बस धोखा देने का काम किया है।
किसानों को मिल रहे बैंकों से नोटिस
चौहान ने कहा कि कर्जमाफी पर कांग्रेस का सबसे बड़ा झूठ इस बात से पकड़ा गया कि कुल 48 हजार का कर्जमाफ होना था। सरकार ने फरवरी माह में बजट में 5000 करोड़ का प्रावधान किया। बीते 2 माह में सहकारी बैंकों के पास 600 करोड़ रूपए और बाकी बैंकों के 700 करोड़ रूपए इस तरह कुल 13000 करोड़ रूपए बैंकों को दिया गया। इसलिए अब बैंक किसानों को नोटिस थमा रहे हैं। जिन किसानों ने कर्ज लिया उन पर पैसा जमा करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ही नहीं राजस्थान, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक में कर्जमाफी के नाम पर किसानों को धोखा गया है। इस अवसर पर चौहान ने नोटिस की प्रतियां पत्रकारों को दिखाईं।
कर्ज माफी के नाम पर विकास के काम रोक दिए गए
चौहान ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने कर्जमाफी के नाम पर सारे विकास के काम रोक दिए हैं। यहां तक की भारतीय जनता पार्टी सरकार में गरीबों के लिए संबल योजना चलाई थी, उसे भी रोक दिया गया है। कांग्रेस कर्जमाफी के नाम पर झूठी वाहवाही लूट रही है। कांग्रेस वचन पत्र में पूरे किए गए बिंदु बताते हुए यह लिख रही है कि 55 लाख किसानों का 50 हजार करोड़ का कर्ज माफ किया। जो कि सरासर झूठ है। किसानों को कर्ज मुक्ति के प्रमाण पत्र दिए जा रहे हैं लेकिन उनका एक हजार रूपए, दो हजार रूपए और कुछ किसानों का तीन सौ रूपए और दो सौ रूपए तक का कर्ज माफ किया गया है। यह कांग्रेस सरकार की बेशर्मी की पराकाष्ठा है।
आत्महत्या को मजबूर हो रहे किसान
चौहान ने कहा कि कांग्रेस ने जिस तरह किसानों को कर्जमाफी के नाम पर झूठ बोल रहे हैं, उससे किसान परेशान है और आत्महत्या को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि उज्जैन जिले के महिदपुर के गांव मुंडला बोरदिया गांव के किसान ने कर्जमाफी न होने के कारण अपने खेत पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बड़ी बेशर्मी से झूठ न बोले तो अच्छा है।