महिलाओं की जागरूकता की मिसाल बना ग्राम बकायन

भोपाल। दमोह जिले का ग्राम बकायन महिलाओं की जागरूकता की मिसाल बन गया हैं। यहां लगभग 250 महिलायें आजीविका मिशन से जुड़कर सफल व्यवसायी बन गई हैं। इन महिलाओं ने 19 समूह बनायें हैं। मिशन से आर्थिक मदद लेकर अपने घरों में ही विभिन्न प्रकार के पापड़, बड़ी, मिक्चर बनाती हैं। अपनी बनाई चीजें दमोह से भोपाल तक हाट-बाजार में खुद बेचती हैं और सम्मान के साथ अच्छी आमदनी प्राप्त करती हैं। अब ये महिलायें परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही हैं। 

श्यामरानी, सुशीला चौरसिया, गेंदाबाई, दीप प्रजापति ऐसी महिलाएँ हैं, जिन्होंने आजीविका मिशन के जरिए अपने ग्राम में एक मिसाल कायम की हैं। इनको देखकर कई महिलाएँ स्व-सहायता समूह से जुड़ी हैं। इसी ग्राम की पार्वती बाई विश्वकर्मा हैं, जो पहले बीड़ी बनाने के साथ ही मजदूरी करती थीं। इस काम से इनके परिवार का भरण-पोषण नहीं हो पाता था। आजीविका मिशन के अधिकारी और ग्राम की उनकी सखी आरती पौराणिक से सलाह मिली तो पार्वती ने समूह का गठन कर 20 हजार रूपये का लोन ले लिया। लोन की राशि से उड़द की बड़ी, मिक्चर की बड़ी, पापड़, बिजौरी, आलू और चावल के पापड़ बनाने का काम शुरू कर दिया। अब पार्वती का यह व्यवसाय खूब चल निकला हैं।

पार्वती का कहना हैं कि इस व्यवसाय से वह 80 हजार रुपये तक का लाभ कमा चुकी हैं। इसी गाँव की उच्च शिक्षा प्राप्त छात्रा ममता यादव, हेमा विश्वकर्मा और प्रभा विश्वकर्मा अपनी पढ़ाई के साथ-साथ अपने घर में बड़ी, पापड़ बनाकर अपने माता-पिता को सहयोग कर रही हैं। ((खबरनेशन / Khabarnation)

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