आजादी के अमृत महोत्सव में रेल किराए में छूट वापस लेना देश का अपमान: अजयसिंह

राजनीति Jul 26, 2022

खबर नेशन / Khabar Nation

भाजपा सरकार के लिए वरिष्ठ नागरिक बोझ हैं,

बुजुर्गों को रेल किराये की छूट तत्काल बहाल की जाये..

भोपाल : पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा है कि केंद्र की मोदी सरकार इस देश के बुजुर्गों को तुच्छ समझती है। भारत के बुजुर्ग उसके लिए बोझ हैं। भाजपा सरकार अपनी जन विरोधी नीतियों से आम जनता के साथ-साथ वृद्धजनों को भी आर्थिक रूप से कमजोर बना रही है। केंद्र की नीतियों के कारण इस देश के बुजुर्ग दोहरी मार झेल रहे हैं। बढ़ती उम्र के पडाव में सरकार अब इन्हें रूपये पैसे से भी मोहताज कर रही है।

 अजयसिंह ने कहा कि रेल किराए में वृद्धजनों को दी जा रही छूट कोरोना काल में बंद कर दी गई। उन्हें आशा थी कि यह छूट अब फिर से शुरू की जायेगी। लेकिन रेल मंत्री के छूट न देने के ऐलान से तमाम वृद्धजनों की आशाओं पर पानी फिर गया। रेल मंत्री का कहना है कि छूट से सरकार पर आर्थिक बोझ पड़ेगा। वे सीनियर सिटीजन्स को रेल किराये में छूट दिए जाने के पीछे छिपी भावनाओं को समझने में असमर्थ हैं। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग महिलाओं को पचास प्रतिशत और पुरुषों को चालीस प्रतिशत छूट रेल किराए में दी जाती थी जो पिछले मार्च, 2020 से बंद है।

 सिंह ने कहा कि इन ढाई वर्षों में लगभग आठ करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को पूरा किराया चुकाकर यात्रा करनी पड़ी। यह उनके साथ अन्याय है। खासकर उन बुजुर्गों के साथ जो वाकई जरूरतमंद हैं। ऐसे समय में जब पूरा देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है तब रेल किराए में छूट न देने का फैसला शर्मनाक है और देश का अपमान है। देश की कुल आबादी में वरिष्ठ नागरिक लगभग नौ प्रतिशत हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे की आय का मुख्य जरिया माल भाड़ा है जो कुल आय का अस्सी प्रतिशत के लगभग होता है। बाकी बीस प्रतिशत आय केवल किराए से ही हो रही है, ऐसा भी नहीं है। क्योंकि रेलवे की आय के अन्य स्त्रोत भी हैं। ऐसे में वरिष्ठजनों को किराए में छूट न देना सरकार की असंवेदनशीलता का प्रतीक है।

 अजयसिंह ने कहा कि पहले ही सरकार वरिष्ठ नागरिक बचत योजना में ब्याज कम कर चुकी है जिससे प्रतिवर्ष लगभग बारह हजार रूपये का घाटा सीनियर सिटीजन्स को हो रहा है। ऊपर से महंगाई आसमान छू रही है। आखिर बुजुर्ग जाएँ तो कहाँ जाएँ? अजयसिंह ने प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी से आग्रह किया है कि रेल किराए में छूट दिए जाने के पीछे की की मंशा की कद्र करते हुए इसे फिर से शुरू किया जाए। साथ ही युद्ध में जान गंवाने वाले सैनिकों की विधवाओं,खिलाड़ियों,किसानों, पत्रकारों और परीक्षा देने और पढाई के लिए जाने वाले युवाओं तथा स्काउट गाइड्स को रेल किराए में पूर्व दी जा रही जा रही छूट भी बहाल की जाए।

 

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