शेयर बाजार की गिरावट को अविश्वास प्रस्ताव बताकर राहुल गांधी ने दिया कार्पोरेट परस्ती का सबूत
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद नंदकुमारसिंह चौहान ने कहा कि जब एनडीए सरकार ने शेयर बाजार में धन निवेश करने वालों पर दस प्रतिशत लॉग टर्म केपिटल गेन टैक्स लगाया जिससे शेयर बाजार की प्रतिकूल प्रतिक्रिया से बाजार गिरा। इसे राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव बताकर साबित कर दिया कि कांग्रेस के लिए नीति निर्देशन शेयर बाजार तय करता हैं। इससे राहुल गांधी ने अपनी कारपोरेट पूंजी परस्ती स्वयं साबित कर दी। राहुल गांधी ने दुनिया को बता दिया कि शासन व्यवस्था वैचारिक सिद्धांतों से नहीं शेयर बाजार से निर्देशित होती हैं। भारतीय जनता पार्टी नीत एनडीए सरकार ने जहा देश की गरीब जनता के आर्थिक उन्नयन के लिए लांगटर्म केपिटल गेन टेक्स 10 प्रतिशत लगाकर गरीब, गांव, किसान की प्रतिबद्धता साबित की वहीं राहुल गांधी ने इसका विरोध करके भारत को टेक्स हेवन बनाने का अपनी अलग सोच जाहिर की हैं जो न तो देश की नीति से मेल खाता हैं और न कभी कांग्रेस की नीति रही हैं।
नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा कि अभी ज्यादा दिन नहीं हुए। यूपीए (दो) के दौर में जब प्रणव मुखर्जी वित्त मंत्री थे। उन्होंने ही लोकसभा में कहा था कि विदेशी कंपनियों और निवेशकों को टेक्स माफी देकर भारत टेक्स हेवन नहीं बनाया जा सकता। राष्ट्रहित में कंपनियों और निवेशकों से टेक्स वसूला जाना होगा। टेक्स लगाये जाने का स्वागत होना चाहिए। चौहान ने कहा कि लेकिन लांगटर्म केपिटल गेन टेक्स को राहुल गांधी नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव बताकर जहा अपना मतिभ्रम बेनकाब कर रहे हैं। वहीं अपने को कारपोरेट का सबसे बड़ा रहनुमा प्रदर्शित कर रहे हैं।
चौहान ने कहा कि इसे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का अनाड़ीपन ही कहा जायेगा कि एक ओर वे नरेंद्र मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों का विरोध कर रहे हैं वहीं शेयर बाजार को आधार बनाकर उन्हीं नीतियों का समर्थन कर रहे हैं। (खबरनेशन / Khabarnation)