पाकिस्तान का इंसानियत का मुखौटा बेनकाब हुआ
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि भारतीय नेव्ही के अवकाश प्राप्त अधिकारी कूलभूषण जाधव को अकारण पाकिस्तानी जेल में निरूद्ध कर उन पर जासूसी का आरोप लगाने से पाकिस्तान पहले ही दुनिया के सामने बेनकाब हो चुका हैं। विश्व जनमत के दबाव में जब उसे परिवारजन से मिलने की अनुमति देने को विवश होना पड़ा उसने पाकिस्तान के संस्थापक जिन्ना साहब की इंसानियत की दुहाई देते हुए मिलौनी का जिस तरह ड्रामा किया पाकिस्तान की इंसानियत की असलियत पर उसकी जग हंसाई हुई हैं। मानवता का राग अलापते हुए कांच की दीवार में कुलभूषण जाधव एक ओर, दूसरी ओर उनकी मां और पत्नि के परस्पर दीदार कराए गए। न मां अपने कलेजे के टुकड़े के सिर पर हाथ रख पायी और न बेटा मां के चरण स्पर्श कर पाया। जो कुछ अलफाज निकले वे भी आमने-सामने नहीं हुआ। पाकिस्तान इस सारे प्रायोजित नाटक का ढोंग करके दुनिया के सामने आ गया हैं।
उन्होंने कहा कि आखिर क्या वजह थी कि सारी माननीय संवेदनाएं कांच के पिंजरे में कैद कर दी गयी। सीधे तौर पर मुलाकात क्यों नहीं करायी गयी ? शर्मा ने कहा कि जाधव पर जासूसी का आरोप भी बेवजह हैं। अब पाकिस्तान में जासूसी के लिए क्या हैं ? चीन का कर्जदार बनकर मुल्क को बंधक बनाने पर तुला हैं। पाकिस्तान को आतंकवादियों की जन्नत बना दिया हैं। कुलभूषण जाधव पर फौजी अदालत में मुकदमा चलाया गया हैं। भारत की पहल पर मामला अंतर्राष्ट्रीय अदालत में पहुंचा हैं और पाकिस्तान पर दबाव हैं।
शर्मा ने कहा कि इसी का नतीजा हैं कि पाकिस्तान को इंसानियत का मुखौटा लगाकर यह स्वांग रचना पड़ा हैं जिससे दुनिया जान सके कि जाधव पर पाकिस्तान ने जुल्म सितम नहीं किया हैं। इस प्रायोजित मुलाकात में पाकिस्तान का असली चेहरा बेनकाब हो गया हैं। (खबरनेशन / Khabarnation)