अल्पसंख्यकों का सशक्तिकरण मोदी सरकार की प्रतिबद्धता

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता हिदायतुल्ला शेख ने कहा कि देश में ड्राप आउट के मामले में अल्पसंख्यक समुदाय और इसमें भी मुस्लिम छात्र छात्राएं सबसे आगे है। इस स्थिति पर रोक लगाने के लिए मोदी सरकार ने असरकारक कदम उठाया है। स्नातक तक की शिक्षा पूरी करने वाली छात्राओं को निकाह के समय 50 हजार रूपए का तोहफा दिए जाने का प्रावधान किया है। इसका अनुकूल असर दिखाई दिया है। इस वर्ष यूपीएससी की प्रतियोगी परीक्षा में अल्पसंख्यकों के 100 से अधिक प्रत्याशी सफल रहे है। इससे प्रोत्साहित होकर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने यूपीएससी जैसी प्रतियोगिताओं में बैठने वाले छात्र छात्राओं के लिए कोचिंग की अतिरिक्त व्यवस्था की तैयारी की है। राजधानी नगरों में विशेष केन्द्र खोले जा रहें है। शेख ने कहा कि मोदी सरकार तुष्टीकरण में भरोसा नहीं करती। मोदी सरकार की प्रतिबद्धता अल्पसंख्यकों का सम्मान बढ़ाने और सशक्तिकरण करना है।
उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों के बच्चों को उचित शिक्षा देने के लिए 100 शिक्षण संस्थाएं नवोदय विद्यालय की तर्ज पर खोली जा रही है। दो दर्जन विद्यालय इसी वर्ष में आरंभ किए जा रहें है। 100 विद्यालय खोलने की वित्त वर्ष 2018-19 में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय ने व्यवस्था की है।
शेख ने कहा कि सरकार ने मंत्रालय का बजट बढ़ाकर 4700 करोड़ रूपए कर दिया गया है। इस बजट में अल्पसंख्यक लड़कियों, छात्राओं को शिक्षा, प्रतियोगिता तैयारी के लिए विशेष प्रावधान करने के पीछे सरकार की मंशा ड्राप आउट समाप्त करने की है। हाल के सर्वे में पता चला है कि ड्राप आउट अल्पसंख्यक छात्र छात्राओं में एक समस्या है। केन्द्र सरकार इसके कारणों की तह में गयी है इसे रोकने के जतन में जुट गयी है। (खबरनेशन / Khabarnation)

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