स्नेह सरोकार अभियान में कुपोषण से मुक्त हुआ मासूम गणेश
भोपाल। कटनी जिले के गोदाना ग्राम के एक साल दो माह के मासूम गणेश की मां सुमन मजदूरी करती थी। बच्चे को सही देखभाल और पोषण न मिलने से उसके स्वास्थ्य में निरंतर गिरावट आ रही थी। वैसे भी वैज्ञानिक दृष्टिकोण से एक बच्चे के विकास में शुरू के पांच वर्ष उसके शारीरिक, मानसिक और तंत्रिका तंत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
गणेश की कमजोर हालात और कुपोषण देखकर महिला बाल विकास विभाग में सुपरवाइजर शीला मरावी ने मां को समझाया कि गणेश को एनआरसी पोषण पुर्नवास केन्द्र में भर्ती कराओ जहां उसे सही देखभाल और आहार मिलेगा। इस समझाइश के बाद बच्चे को भर्ती कराया गया। पुनर्वास केन्द्र से सीडीपीओर रीठी संतोष अग्रवाल और बीएमओ संतोष पाराशर ने बच्चे को जिला अस्पताल कटनी के लिए रेफर किया, जहां इस बच्चे का उपचार किया गया। कहते हैं कि एक तस्वीर एक हजार शब्दों के बराबर होती हैं और गणेश में आए बदलाव को उसकी पहले और बाद की तस्वीर खुद बयां कर रही हैं।
इलाज के पहले इलाज के बाद
मासूम गणेश के स्वस्थ होने के बाद भी परिजन उसे सही पोषण आहार दिलाने में पूरी तरह समर्थ नहीं हैं। इसलिए मध्यप्रदेश शासन के महिला बाल विकास विभाग के स्नेह सरोकार कार्यक्रम के तहत कम वजन के छह माह से पांच वर्ष तक के इन बच्चों की जिम्मेदारी किसी व्यक्ति या संस्था को देने का प्रयास किया जा रहा हैं, ताकि इन बच्चों का सही विकास हो सके और सामाजिक सरोकार से जुड़ी संस्था और व्यक्ति सही जगह पर अपना सहयोग दे सकें।
नन्हें बालक गणेश के चेहरे पर मुस्कान लाने और स्वस्थ करने में इसी योजना के तहत बीआरसी विपिन गौतम अपना निस्वार्थ सहयोग दे रहे हैं और उसके पोषण आहार के जिम्मेदारी उठा रहे हैं। प्रशासन जिला स्तरीय स्नेह सरोकार सम्मेलन के माध्यम से गणेश जैसे बच्चों को सही विकास और परवरिश के लिए लोगों को जोड़ने का प्रयास कर रहा हैं। जिलास्तरीय स्नेह सरोकार कार्यक्रम में गणेश के पोषण की जिम्मेदारी उठाने पर विपिन गौतम को सम्मानित भी किया गया। इस तरह गणेश के मामले में स्नेह सरोकार अभियान के तहत कुपोषण पर जीत हासिल हुई। (खबरनेशन / Khabarnation)