भगवा परचम लहराया पूर्वोत्तर भारत में वाम मोर्चा और कांग्रेस का किला ध्वस्त
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि सर्वहारा वर्ग के हित चिन्तन के नाम पर सियासत का लाभ उठाने वाले वाम मोर्चा और कांग्रेस ने पूर्वाेत्तर के राज्यों की जनता का लगातार भावनात्मक शोषण किया। लेकिन नतीजा यह हुआ कि जिस त्रिपुरा राज्य में गरीबी रेखा से नीचे रहने वालो की संख्या हजारों में थी, वह इस दौरान बढ़कर लाखों में हो गई। कांग्रेस का गरीबी हटाओं अभियान फरेब बनकर सामने आया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लुक ईस्ट मिशन जनता को रास आया। विधानसभा चुनाव 2018 में पूर्वोत्तर राज्यों की जनता ने भारतीय जनता पार्टी को फर्श से अर्श पर पहुंचा दिया जहाॅ 2013 के चुनाव में 60 क्षेत्रों में से भाजपा की 59 क्षेत्रों में जमानत जप्त हुई थी। जनता ने प्रचंड बहुमत देकर सत्ता सिंहासन पर बैठा दिया। आजादी के बाद ये राज्य कांग्रेस के अभेद्यगढ़ थे लेकिन जनता ने कांग्रेस को अलविदा कह दिया। दो राज्यों में खाता भी नहीं खुला।
उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोखिमपूर्ण आर्थिक सुधार करने का साहस दिखाया जिससे जनता को कठिनाई भी भुगतना पड़ी। लेकिन जनता ने भाजपा को लगातार आर्शीवाद दिया और माना कि नरेंद्र मोदी की दिशा सही है और इरादे नेक हैं। प्रशासन भ्रष्टाचार, घपलों, घोटालों से मुक्त है। विपक्ष को यह महसूस हो चुका है कि नरेंद्र मोदी का कथन कि न खाऊंगा, न खाने दूंगा नारा नहीं प्रतिबद्धता है। नरेंद्र मोदी का जादू जनता के मानस पर अटल है।
शर्मा ने कहा कि त्रिपुरा में जहाॅ 25 वर्ष तक सत्ता में रहे वामपंथी सत्ता से बाहर हो चुके है और सिमट कर केरल तक रह गये वहीं कांग्रेस का त्रिपुरा और नागालैंड में खाता न खुल पाना दोनों को जोरदार झटका है। पूर्वोत्तर राज्यों में लोकसभा की दो दर्जन से अधिक सीटे हैं जिन्हें सबका साथ-सबका विकास निमंत्रण दे रहा है। इसका लाभ 2019 में भारतीय जनता पार्टी नीत एनडीए को मिलना तय है। उपचुनाव में फौरी विजय से गर्वित होने वालों का नशा पूर्वाेत्तर के राज्यों की पराजय ने काफूर कर दिया है।(खबरनेशन / Khabarnation)