मुख्यमंत्री अपने मंत्रियों को गंभीरता से नहीं लेते : सिसौदिया
भोपाल। कमलनाथ सरकार के मंत्री अफसर और कांग्रेस के नेता एक दूसरे पर आरोपों की झड़ी लगा रहे हैं। यह नेता और मंत्री सार्वजनिक रूप से एक दूसरे पर कीचड़ उछाल रहे हैं। लेकिन इस बारे में मुख्यमंत्री कमलनाथ की तरफ से अब तक कोई भी बयान नहीं आया है। इससे लगता है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ या तो अपने ही मंत्रियों और पार्टी नेताओं की बात को गंभीरता से नहीं लेते या फिर वह इस पूरे मामले को रफा-दफा करने की तैयारी में है। यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता श्री राजपाल सिंह सिसौदिया ने आपकारी ऑफिसर द्वारा वायरल ऑडियो में प्रदेश के मंत्री और विधायकों के बारे में किए गए रहस्योद्घाटन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही।
श्री राजपाल सिंह सिसौदिया ने कहा कि पहले सरकार के वरिष्ठ मंत्री गोविंद सिंह ने अवैध खनन को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। फिर वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने काम ना करने के आरोप सरकार के मंत्रियों पर लगाए। इसके बाद वरिष्ठ मंत्री उमंग सिंगार ने तो दिग्विजय सिंह पर अवैध उत्खनन और ट्रांसफर पोस्टिंग जैसे सरकार के कामों में हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए पूरी सरकार को ही कठघरे में खड़ा कर दिया। अब आबकारी अधिकारी के वायरल वीडियो में तो प्रदेश की जनता को अनिश्चितता के ऐसे माहौल में धकेल दिया है कि वह किस पर विश्वास करें और किस पर ना करें।
श्री सिसौदिया ने कहा कि मंत्रियों और नेताओं द्वारा किया जा रहा प्रजातंत्र का यह माखौल कोई कॉमेडी शो नहीं है बल्कि यह सरकार की साख का सवाल है। उन्होंने मांग की कि प्रदेश सरकार और कांग्रेस के मुखिया होने के नाते मुख्यमंत्री कमलनाथ प्रदेश की जनता को इस मामले पर जवाब दें और इसे गंभीरता से लेते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराएं।