संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति निष्ठा और प्रतिबद्धता भाजपा की तासीर

राजनीति Mar 26, 2018

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद गोटिया ने कहा कि लोकतंत्र में हार जीत अपरिहार्य हैं। जनता का निर्णय शिरोधार्य होता हैं, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भाजपा को मिले जनादेश को पचा नहीं पा रहे हैं। कुंठाग्रस्त होकर लगातार हताशा में जनता को गुमराह करने की कोशिश में अपना लोकतांत्रिक कर्तव्य भी भूल चुके हैं। गोटिया ने कहा कि देश की जनता ने नरेंद्र मोदी को भारी प्रचंड बहुमत से सत्ता सौंपी हैं। नरेंद्र मोदी संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए समर्पित हैं। राहुल गांधी का बयान कि भाजपा संविधान की भावना को आहत कर रही हैं, सरकार बेबुनियाद और निन्दनीय हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में नरेंद्र मोदी ने भारतीय लोकतंत्र और संविधान की देश-विदेश में गरिमा बढ़ाई हैं। देश के हितों के विरूद्ध सक्रिय संस्थाओं और व्यक्तियों पर नकेल कसी हैं जिसका देश की जनता ने समर्थन किया हैं। राहुल गांधी का आरोप कि भाजपा की मंशा संविधान को आहत करने की हैं, सरासर जनभ्रम पैदा करने की साजिश हैं जिसकी निन्दा की जाना चाहिए।

गोटिया ने कहा कि राहुल गांधी अपना अपराध बोध मुखर कर रहे हैं। उनकी ही दादी ने सत्ता लोलुपता के वशीभूत होकर 25 जून 1975 को देश के संविधान को खूटीं पर टांग दिया था। देश को जेल में बदलकर नागरिकों के बुनियादी अधिकार छीन लिये थे। इसकी जनता ने उन्हें सजा भी दी थी। तत्कालीन मनमोहन सरकार की मंत्रि परिषद द्वारा अनुमोदित प्रस्ताव को फाड़कर कूड़ेदान में फैकने वाले राहुल गांधी लोकतंत्र और संविधान की बात किस मुंह से कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भूल जायें। यह 2018 हैं, 1975 नहीं हैं। देश में एक सशक्त लोकतंत्र हैं जिसके लिए संविधान महत्वपूर्ण हैं। एक वरिष्ठ राजनैतिक दल के प्रमुख के नाते राहुल गांधी के मुंह से ऐसे साजिशपूर्ण बयान शोभा नहीं देते। जनता को गुमराह करके कांग्रेस न तो अपना हित कर रही हैं और न देश का भला कर रही हैं। (खबरनेशन / Khabarnation)
 

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