राशन,अन्न वितरण में सत्य साईं काअनुसरण करें निजी विद्यालय: मालू
यह वक्त लाभ कमाने नहीं, सेवा करने का है
खनिज निगम के पूर्व उपाध्यक्ष गोविन्द मालू नें कहा कि कोरोना आपदा के समय सरकार के अलावा अन्य सामाजिक व्यापारिक संगठनों, श्रेष्ठि वर्ग नें गरीब, असहाय, मजदूर, पिछड़े, निर्धन वर्ग और मानवता की हर सम्भव भोजन और अन्न सामग्री, चिकित्सा उपकरण आदि की मदद कर इंदौर की शालीन और दानशील परम्परा को आगे बढ़ाया है। शिक्षा संस्थानों में सत्य सांई स्कूल ने भी भोजन,अन्न सामग्री वितरण कर मिसाल कायम की है।
आपने कहा इसी तरह अन्य शिक्षा के निजी संस्थानों को भी, जो फीस के साथ ही साल भर का भोजन शुल्क ले लेते हैं, जबकि विद्यालय बंद है,इन माहों का तिमाही शुल्क भी फरवरी मार्च में इन स्कूलों नें जमा करवा लिया है। इस लंच शुल्क की राशि को समाज के गरीबों को देने से इन पर अतिरिक्त बोझ भी नहीं आएगा और संकट के समय देश समाज की मदद भी होगी। आपने कहा कि संस्था आनंद गोष्ठी ऐसे विद्यालयों की सूची भी जानकारी एकत्रित कर जिला प्रशासन को सौपेंगी जिन्होंने ऐसी लंच राशि मार्च से जून तक ले रखी है।