महालेखाकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग को टेक होम राशन के संबंध में प्रारंभिक रिपोर्ट भेजी
खबर नेशन / Khabar Nation
मालवाहक वाहनों की जानकारी प्लांट में तीन स्थानों पर अंकित की जाती है जिसमें कोई गड़बड़ी की आशंका नहीं
महालेखाकार ने जिस अवधि में टीएचआर की खराब गुणवत्ता को इंगित किया है उस समय कांग्रेस की सरकार थी- विश्वास कैलाश सारंग
भोपाल: महालेखाकार कार्यालय, मध्यप्रदेश द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत टेक होम राशन के संबंध में विभाग को भेजे गये प्रारम्भिक ड्राफ्ट को लेकर चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि महालेखाकार कार्यालय मध्यप्रदेश द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत टेक होम राशन के संबंध में 1 अप्रैल, 2018 से 31 मार्च, 2021 तक की अवधि के लिये 08 जिलों (शिवपुरी, सागर, धार, झाबुआ, भोपाल, छिंदवाड़ा, रीवा एवं सतना) का लेखा परीक्षण किया गया तथा इसकी प्रारम्भिक ड्राफ्ट रिपोर्ट विभाग को परीक्षण एवं अभिमत हेतु प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि यह रिपोर्ट प्रारंभिक है फायनल नहीं है |
श्री सारंग ने बताया कि महालेखाकार को जब कहीं कोई संशय लगता है तो वह संबंधित विभाग को एक ड्राफ्ट बनाकर भेजता है और जिसपर विभाग जांच करता है फिर संबंधित विभाग ड्राफ्ट के सभी बिन्दुओं का जबाव देता है उसके बाद महालेखाकार फायनल रिपोर्ट तैयार करता है| उन्होंने कहा कि विपक्ष प्रारंभिक रिपोर्ट पर ही सवाल खड़े कर रहा है जिसमें कोई सच्चाई नहीं है|
मंत्री सारंग ने कहा कि जहां तक वाहनों के गलत पंजीयन नंबर की बात है तो यह जानकारी भी प्लांट में तीन स्थानों पर अंकित की जाती है। सिक्योरिटी पर, तौल कांटे पर एवं डिस्पैच कक्ष में। किसी एक स्थान पर त्रुटिवश ट्रकों का नंबर यदि गलत प्रविष्ट कर दिया गया है तो उसका मिलान आगे भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बाड़ी प्लांट की प्रारंभिक जांच की गई है। इस अवधि में प्लांट से 1764 वाहनों के माध्यम से टीएचआर का ट्रांस्पोर्टेशन किया गया है। जिसमें 34 वाहनों पर एजी ने आपत्ति की है। जिसमें विभाग द्वारा जांच में सामने आया कि इनमें केवल एक डिजिट का अंतर है। श्री सारंग ने उदाहरण देते हुए बताया कि चालान के अनुसार MP09GF9139 यह नंबर ट्रक का है। वहीं दूसरे ट्रक का नंबर चालान अनुसार MP09HG2760 जबकि उस गाड़ी का सही नंबर MP04HG2760 था| केवल लिपकीय त्रुटी के कारण चालान पर MP04 के स्थान पर MP09 लिखा गया है जिसे विपक्ष फर्जीवाड़ा बता रहा है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि लिपकीय त्रुटी के कारण 34 गलत नंबर दर्ज किये गये। जबकि आरटीओ के रिकॉर्ड में भी उन 34 वाहनों के रजिस्ट्रेशन ट्रक के ही पाये गये हैं। इस विषय में कहीं भी कोई गड़बड़ी नहीं पायी गयी है।
मंत्री श्री सारंग ने कहा कि जिस लोडिंग ऑटो में परिवहन को लेकर विपक्ष निशाना साध रहा है। उस लोडिंग ऑटो में कुल 650 किलो के केवल 13 बैग विदिशा से ट्रांसपोर्ट होने थे जिसमें लोडिंग ट्रक की आवश्यकता नहीं थी।
खाद्यान्न की गुणवत्ता को लेकर मंत्री श्री सारंग ने कहा कि एजी की रिपोर्ट में अप्रैल 2019 से फरवरी 2020 की अवधि में टीएचआर की खराब गुणवत्ता को इंगित किया गया है। उस समय कांग्रेस की सरकार थी। इस अवधि में गुणवत्ता में लापरवाही पाये जाने पर भाजपा सरकार द्वारा जांच कराई गई। जिसमें एजेंसी का 35 करोड़ का भुगतान सरकार द्वारा रोका गया है ।
प्लांट की क्षमता के संबंध में लगे आरोप पर मंत्री श्री सारंग ने कहा कि इस आरोप में भी किसी भी प्रकार की सत्यता नहीं है। उन्होनें बाड़ी प्लांट का उदाहरण देते हुए कहा कि बाड़ी प्लांट की प्रोजेक्ट रिपोर्ट के अनुसार उसकी उत्पादन क्षमता 400 मेट्रिक टन प्रतिमाह है, जो कि सप्लाई से कही ज्यादा है।
मंत्री श्री सारंग ने विद्युत खपत को लेकर कहा कि टीएचआर में पांच तरह के खाद्यान्न होते हैं | इनकी क्लीनिंग, रोस्टिंग, मिक्सिंग, ग्राइंडिंग एवं पैकेजिंग में विद्युत की खपत अलग-अलग होती है। बिजली की खपत को लेकर अभी किसी भी प्रकार के मापदंड नहीं है। परंतु प्रारंभिक जांच में गड़बड़ी सामने नहीं आयी है।
श्री सारंग ने कहा कि टीएचआर में बच्चियों की संख्या के विषय में 2018 से लेकर 2021-22 तक सरकार ने लगातार पारदर्शी प्रक्रिया को अपनाया है। इसमें यह सुनिश्चित किया गया है कि जो बच्चियां स्कूल नहीं आ सकती है, उन्हें ही यह राशन वितरित किया जाये। उन्होंने कहा कि 2018-19 में ऐसी बच्चियों की संख्या लगभग 2 लाख 26 हजार थी। वहीं 2019 में योजना में आईटी सोल्युशन को अपनाते हुए और अधिक पारदर्शी किया गया, जिससे यह संख्या 2021-22 में 15 हजार हो गई है।
मंत्री सारंग ने कहा कि महालेखाकार द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं का विस्तृत परीक्षण किया जा रहा है।
जल्द ही करेंगे नये मेडिकल कॉलेजों का भूमि-पूजन
मंत्री श्री सारंग ने की मेडिकल कॉलेज निर्माण कार्यों की समीक्षा
चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को मंत्रालय में नये चिकित्सा महाविद्यालयों के निर्माण कार्यों की प्रगति के संबंध में समीक्षा बैठक ली। बैठक में चिकित्सा शिक्षा विभाग में प्रदेश के 12 नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई।
नवीन मेडिकल कॉलेज का भूमि-पूजन
बैठक में मंत्री श्री सारंग ने राजगढ़, नीमच, सतना एवं सिवनी में नवीन चिकित्सा महाविद्यालों के भूमि-पूजन की तैयारी पर शीघ्र कार्यवाही प्रारंभ करने के निर्देश दिये।
भवन निर्माण, पदों एवं आवश्यक उपकरणों की स्वीकृति प्रस्ताव एक साथ
मंत्री श्री सारंग ने नवीन महाविद्यालयों में भवन निर्माण, पदों एवं आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने प्रस्ताव बनाने के संबंध में निर्देश दिये, जिसे स्वीकृति के लिये मंत्रि-परिषद के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा। इससे निर्माण एवं चिकित्सा महाविद्यालयों के संचालन के कार्यों की गति में तीव्रता आयेगी।
उल्लेखनीय है कि 7 चिकित्सा महाविद्यालय केंद्रीय प्रायोजित योजना अंतर्गत भारत सरकार द्वारा स्वीकृत हैं। इसमें सतना चिकित्सा महाविद्यालय द्वितीय चरण में पूर्णता की ओर है।
छतरपुर एवं सिवनी चिकित्सा महाविद्यालय का कार्य शुरू कर दिया गया है। वहीं बुदनी एवं उज्जैन नवीन चिकित्सा महाविद्यालय को मंत्रि-परिषद की सैद्धांतिक सहमति जारी हो चुकी है।
मंत्री श्री सारंग ने बैठक में हमीदिया अस्पताल के नये भवन में सीलिंग बदलने में विलंब को लेकर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने हमीदिया अस्पताल के नवीन भवन में सीलिंग गिरने की घटना को गंभीरता से लेते हुए पीआईयू के अधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।
बैठक में अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा मोहम्मद सुलेमान, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा संजय गोयल, संचालक चिकित्सा शिक्षा जितेन शुक्ला एवं प्रोजेक्ट डायरेक्ट पीआईयू जी.पी. मेहरा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
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