मां अंबिका आश्रम के संस्थापक मिलन नहीं रहे
खबर नेशन / Khabar Nation
श्रद्धा सुमन: गुरु ने कर्म के साथ तप
कर ईश्वर को पा लेने की राह बताई
इंदौर: गुरु ने हमें भक्ति के साथ धर्म और कर्म की महत्ता बताई। उन्होंने सबके सुख में अपना सुख बताकर हमें जवान जीने की राह दिखाई। आज जब वे मां भगवती और बाबा बटुकनाथ के चरणों में विलीन हो गए हैं, तब भी उन्होंने कर्म के साथ तप कर ईश्वर को पा लेने का रास्ता बताया है। यह बात बाणगंगा स्थित मां अंबिका आश्रम के संस्थापक पूज्य गुरुदेव राजेश शर्मा 'मिलन' के निधन पर श्रद्धा स्वरुप उनके अनुयायियों ने कही।
गुरुदेव का गुरूवार को निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से बीमार थे। उन्होंने अपने अनुयायियों को ईश्वर को पाने के लिए भजन और भक्ति का मार्ग बताया। आज सुबह जैसे ही उनके अनुयायियों ने यह दु:खद खबर सुनी, वे द्रवित हो उठे। दोपहर में बैंड-बाजे, भजन मंडली और अखाड़े के साथ उनकी पार्थिव देह की शोभायात्रा रवाना हुई। सैकड़ों लोग उनकी अंतिम यात्रा में शामिल थे। उन्हें रामबाग मुक्तिधाम ले जाकर विधि-विधान से अग्निदेव को सौंपा गया। उनके पुत्र विरल और अभिनव ने उन्हें मुखग्नि दी। इस दौरान शहर के अलावा विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में आए उनके अनुयायी मौजूद रहे।
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गौरव चतुर्वेदी
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