डॉक्टर आरिफ अंसारी का सम्मान समारोह
करो मेहरबानी तुम अहले ज़मीं पर
इंदौर। करो मेहरबानी तुम अहले ज़मीं पर / ख़ुदा होगा मेहरबां अर्शे बरीं पर। कुछ ऐसे ही नेक जज़्बे के साथ आम लोगों तक सस्ता और सुलभ इलाज मुहैया करने वाला इदारे "मिशन शिफ़ा-ए-रहमानी" ने अपने गुलदस्ते के एक अहम फूल डॉक्टर आरिफ अंसारी के एमसीएच के लिए मदुराई कॉलेज में चयन पर सम्मान समारोह जंजीरवाला चौराहा स्थित होटल अपना एवेन्यू पर रखा।मदुराई में अंसारी इसके अंतर्गत यूरोलॉजी और रोबोटिक सर्जरी का अध्ययन करेंगे। जस्टिस शमीम एहमद कुरैशी ने बतौर ख़ास मेहमान शिरकत की। सदारत क़ाज़ी शफीक खान ने की। इस ख़ास प्रोग्राम में शहर की मुअज्ज़िज शख़्सियत और सामाजिक कामों से जुड़े लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में जस्टिस शमीम एहमद कुरैशी, क़ाज़ी शफीकुर्रहमान साहब,रिज़वान खान ,डाक्टर मुफद्दल रस्सीवाला ,डाक्टर आरिफ अंसारी और सलीम अंसारी ने अपने ख़्यालात का इज़हार किया। संचालन शकील शैख ने नपेतुले अल्फ़ाज़ से किया। गौरतलब रहे दिन-बा-दिन महंगे होते इलाज आम लोगों की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं। जिसके चलते गरीब शख्स बीमारी के साथ ही जीने का समझौता कर लेता है। मिशन शिफ-ए-रहमानी ने इन हालात से ग़रीबों को निकालने, बीमार मुक्त करने और सेहतमंद बनाने का बीड़ा उठाया है। ग्यारह महीने की छोटी सी मुद्दत में मिशन ने दो सौ के ऊपर लोगों के जटिल आपरेशन बरायनाम रकम में करवाकर यक़ीनी तौर पर एक नेक कारनामा अंजाम दिया है। जो क़ाबिले तारीफ है, मिशन अपने काम के लिए आम लोगों से तआऊन लेता है। लोग दिल खोलकर उनकी आवाज़ पर लब्बैक कहते हैं। यह क़ाबिले तारीफ है,मगर मिशन के अज़ाइम, इरादों और मंसूबों के देखते हुए उसे और ज़्यादा हमदर्द हजरात की तवज्जो की ज़रूरत है।मिशन शिफ़ा-ए-रहमानी के दो जुनूनी हैं। जिनकी वजह से यह मिशन तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और वह है शकील शैख और रिज़वान ख़ान। अगर यह दो लोगों से जुनून छीन लिया जाए तो मिशन ,मिशन नहीं रह सकता। इस दुनियापरस्ती के दौर में जब हर शख्स नफ्सा-नफ्सी में घिरा हुआ है ,ऐसे में इनकी इस लगन को सलाम किया जाना चाहिए। डाक्टर आरिफ अंसारी के लिए भी दुआ करते हुए यक़ीन जताया है कि वह अपनी तालीम के इस फेस को मुकम्मल करने के बाद मिशन शिफ़ा-ए-रहमानी के गुलदस्ते की ज़ीनत और महक को बढ़ाने के अपने इरादों में कामयाब होंगे।