इंदौर को एम्स दो, एम. वाय.अस्पताल को एम्स में बदलने की प्रक्रिया अच्छा विकल्प : गोविन्द मालू

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री हर्षवर्द्धन और मुख्यमंत्री जी को लिखा पत्र।केंद्रीय मंत्री श्री तोमर और श्री गहलोत से बात कर पैरवी का किया अनुरोध

खनिज निगम के पूर्व उपाध्यक्ष श्री गोविन्द मालू ने-इंदौर में ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेस (एम्स) खोले जाने के लिये केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री हर्षवर्धन को एक पत्र लिखा और केंद्रीय मंत्री श्री नरेन्द्रसिंह तोमर और श्री थावरचंद गहलोत से बात कर  इस हेतु अपने प्रभाव का उपयोग कर केंद्र सरकार से स्वीकृत करवाने का आग्रह कर, उन्हें और मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंहजी चौहान को भी तर्क सहित विस्तृत पत्र लिखा।

मालू ने अपने पत्र में कहा कि""देश के जिन बड़े शहरों में 'कोविड-19' महामारी ने अपना ज्यादा असर दिखाया है, उनमें इंदौर भी है। मध्यप्रदेश के इस औद्योगिक शहर में 'कोविड-19' ने जिस तरह से कहर बरपाया वो शासन और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती की बात है। लेकिन, इस बीमारी के इलाज के लिए प्रशासन को काफी प्रयास करने पड़ रहें हैं और प्रशासन नें अपनी पूरी सार्थक ताकत झोंक दी है। मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच ऐसे आधुनिक अस्पताल और रिसर्च सेंटर की भी जरुरत महसूस की गई। इंदौर में अस्पतालों की कमी नहीं है। यहाँ 30 कारपोरेट अस्पताल, 3 मेडिकल कॉलेज, 3 सरकारी अस्पताल और महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (एमवायएच) जैसा विख्यात संस्थान भी है। लेकिन, कारपोरेट अस्पताल बड़े बिलों के कारण आम लोगों की पहुँच से बाहर हैं और 'एमवायएच' के इलाज और व्यवस्थाओं से लोग संतुष्ट नहीं होते! ऐसी स्थिति में यहाँ ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेस (एम्स) जैसा चिकित्सा संस्थान खोले जाने की बहुत ज्यादा जरुरत महसूस की जा रही है।  आपने कहा कि" "जहाँ तक मेरी जानकारी है ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेस (एम्स) एक राज्य में एक शहर में ही अपनी शाखा स्थापित करता है! लेकिन, मेरा आग्रह है कि विशेष परिस्थितियों में इंदौर में 'एम्स' शुरू किया जाए। इससे इंदौर के अलावा आसपास करीब 18 जिलों जिनमें आधे जिले आदिवासी बहुल हैं (इंदौर और उज्जैन संभाग) के लोग लाभांवित होंगे! अभी जो लोग इंदौर की चिकित्सा व्यवस्था और महंगे इलाज और व्यावसायिक मनमानेपन से परेशान होते हैं, वे गुजरात जाकर इलाज करवाते हैं। इंदौर की बढ़ती जनसंख्या, आसपास के जिलों के लोगों का इंदौर पर निर्भरता बढ़ने और 'कोविड-19' के लम्बे समय तक रहने वाले प्रभाव को देखते हुए इंदौर में 'एम्स' खोला जाना हर दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
   मुझसे शहर के कई लोगों ने आग्रह किया कि मैं इंदौर की इस अहम् जरुरत को आपके सामने रखूं! उम्मीद है आप इंदौर के लोगों की इस जरुरत को गंभीरता से लेंगे और इस दिशा में पहल करेंगे। यदि इंदौर में 'एम्स' जैसा चिकित्सा संस्थान स्थापित होता है तो मध्यप्रदेश के बड़े हिस्से को इससे लाभ मिलेगा।
 

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