मुस्लिम समाज घरों के अंदर ही आज मनाएगा शबे बराअत,करेंगे लॉक डाउन का पालन

इंदौर। शबे बराअत इस बार भारत के मुसलमान घरों के अंदर रह कर ही आज 9 अप्रैल को मनाएंगे। कोरोना लॉक डाउन की वजह से भारत में इस्लाम धर्म गुरूओं ने मुसलमानों से यह अपील की है। मुफ़्ती-ए-मालवा मौलाना मोहम्मद नूरुलहक नूरी साहब ने लॉक डाउन का पालन करते हुए मुस्लिम समाज से घरों के अंदर ही रातभर जागकर शबे बराअत मनाने की अपील की है।उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस जिसने पूरी दुनिया में कयामत बरपा कर रखी है। लिहाजा हर तरफ खौफ आलम है। हमारे अजीम मुल्क भारत में "लॉक डाउन" की सख़्ती  बीमारी से बचाव के लिए जरूरी है। इस मौके पर पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्यकर्मियों का खूब सहयोग करें।मुफ़्ती साहब ने कहा हम खुदा के हुजूर अपने गुनाहों से सच्चे दिल से माफी तलब करें।गुनाहों से तौबा करें।मुफ़्ती नूरुलहक नूरी ने बताया कि "शबे बराअत" यानी छुटकारे की रात है। बालाओं मुसीबतों से निजात हासिल करने की  रात है। बेशक यह रात मुकद्दर लिखे जाने वाली रात है। यही वह रात है जिसमें अल्लाह तआला अपने बंदों पर खास रहमत फरमाता है।मुल्क की सलामती और खास कर "कोरोना वायरस" से हिफाजत की दुआ मांगी।

ब शबे बराअत, करबला रहेगी सूनी, नहीं होगी जियारत
इन्दौर।
त्यौहारों और खास मौके पर कर्बला पर चहल पहल रहती है और जायरीन बड़ी तादाद में हाजिरी के लिए पहुंचते हैं।लेकिन लॉक डाउन के चलते शबे बराअत पर कर्बला पर सन्नाटा रहेगा।  करबला मैदान इन्तेजामिया कमेटी के अध्यक्ष मो फारूक राईन,उपाध्याय अमजद लाला,सचिव बबलू खान एवं मेला कमेटी के जमील लाला,मोहसिन खान ,शानू खान, बंटी अंसारी ने संयुक्त बयान में बताया है कि कोरोना की अंतराष्ट्रीय विपदा को देखते हुए आज 9 अप्रैल को मुस्लिम समाज का शबे बराअत के पर्व पर कर्बला में जियारत नहीं हो सकेगी।उन्होंने कहा मुस्लिम समाज अनुशासन में रहकर लॉक डाउन का पालन करते हुए शबे बारात को भी अपने अपने घरों पर ही रहकर इबादत करे। प्रशासन की ओर से दी गई सभी हिदायतों का पालन करते हुए कानून व्यवस्था में सहयोग करेगा।घरों में रातभर इबादत के साथ मुस्लिम समाज द्वारा कोरोना महामारी से हिफाजत की दुआ भी मांगी जाएगी। गौरतलब रहे कर्बला कमेटी ने 25 मार्च से ही जैसे ही लाक डाउन शुरू हुआ था वैसे ही करबला मैदान के सभी आस्ताने जायरिनो के लिए बंद कर दिये हैं। मात्र वहां के खादिम (सेवादार) सुबह शाम लोबान पेश कर रहे हैं। ।शहर काजी डाक्टर इशरत अली साहब ने जो अपील मुस्लिम समाज से की है उसका कमेटी ने समर्थन किया है और लॉक डाउन में घर पर ही नमाज पढ़ने का निर्णय लिया है।
 

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