तालाब गहरीकरण हो सकता है बुंदेलखंड में रोजगार और पलायन का समाधान : सुमित ओरछा

पीएम और सीएम की इच्छा है जल सरंक्षण पर फोकस हो : सुमित ओरछा

बुंदेलखंड की सभी समस्याओं का समाधान छिपा है प्राचीन तालाबों के गहरीकरण में 

कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए किये गए लॉक डाउन के कारण बेरोजगार हुए दिहाड़ी मजदूरों को रोजगार दिलाना सरकार की प्राथमिकता हो गयी है इसके लिए माननीय प्रधानमंत्री जी एवं मुख्यमंत्री जी ने प्रशासन को रोजगार मूलक कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं साथ ही मुख्यमंत्री जी ने यह भी कहा है कि जल सरंक्षण के कार्यों को प्राथमिकता से प्रारंभ किया जाए ताकि रोजगार भी मिले और जल की कमी को भी दूर किया जा सके । इसी सम्बंध में भाजपा के प्रदेश मीडिया वार्ताकार एवं बुंदेलखंड तालाब गहरीकरण अभियान के संयोजक सुमित ओरछा ने बुन्देलखंड समस्त जिलाधीशों से आग्रह किया है कि वो बुंदेलखंड के सभी प्राचीन तालाबों के गहरीकरण को प्राथमिकता के आधार पर प्रारम्भ कराएं जिससे बुंदेलखंड की समस्त समस्यों के समाधान का मार्ग प्रशस्त होगा । तालाब गहरीकरण प्रमाणिकता के साथ होने से बहुतायत में रोजगार मिलेगा , तालाब गहरीकरण से सभी के घरों के नलकूप और कुँआ सजल हो जायेगे ,तालाब गहरीकरण से कृषि रकवा एवं कृषि चक्र में बढ़ोत्तरी होगी , जल कृषि उत्पादों का उत्पादन बढ़ेगा जैसे सिंघाड़ा ,तरबूज ,मुरार ,कसेरू ,कमल, इत्यादि , जानवरों को जल मिलेगा ,गौ पालन बढ़ेगा ,दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा , पलायन रुकेगा और बुंदेलखंड समृद्ध होगा । जब एक कार्य करने से सभी साधन सुलभ होते हैं तो क्यों न हमारे पूर्वजों द्वारा निर्मित प्राचीन सर्वेक्षण के आधार पर बने ऐसे तालाब जो एक साथ कई ग्रामों के जल स्तर का उन्नयन करते हैं उनका सरंक्षण किया जाये । सुमित ओरछा ने सभी जनप्रतिनिधियों ,पत्रकारों एवं जागरूक युवाओं से ऐसे तालाबों की मांग अपने जिले के कलेक्टर तक पहुंचाने की अपील की है एवं जागरूक होकर ईमानदारी पूर्वक कार्य सम्पन्न होने में सहयोग चाहा है , उन्होंने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से सभी अधिकारियों से आग्रह किया है कि यदि आपने यह संकल्प सिद्ध कर दिया तो आने बाली पीढियां भी आपका आभार मानेंगी ।

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