जनता के सहयोग से मध्य प्रदेश ने स्थापित किये विकास के नए कीर्तिमान
बेघरों को जमीन देने के लिए प्रदेशव्यापी भूखंड अधिकार अभियान शुरू
मुख्यमंत्री द्वारा समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण के लिये जनता का आव्हान
मुख्यमंत्री चौहान ने गणतंत्र दिवस पर गुना में किया ध्वजारोहण
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा हैं कि प्रदेश में बेघर परिवारों को भूखंड उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए प्रदेशव्यापी भूखंड अधिकार अभियान शुरू किया जा रहा हैं।
चौहान ने नागरिकों का आह्वान किया कि ईमानदारी से अपने-अपने कार्य क्षेत्र में अपने निर्धारित कर्तव्यों का पालन करें, संविधान के अनुरूप आचरण करें और समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण में स्वयं को समर्पित करें। मुख्यमंत्री गुना जिला मुख्यालय पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में ध्वजारोहण करने के बाद नागरिकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने समारोह में परेड की सलामी ली और नागरिकों को गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी।
जारी रहेगी समृद्धि यात्रा
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्य प्रदेश ने विकास और प्रगति के नये कीर्तिमान स्थापित किये हैं। जनता और सरकार के एक साथ खड़े होने से ही यह संभव हुआ हैं। उन्होंने कहा कि आगे भी मध्यप्रदेश की समृद्धि की यात्रा जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने विकास की विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि विकास दर दो अंकों में रही हैं और कृषि विकास दर 18 से 20 प्रतिशत प्रति-वर्ष रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश का बजट दो लाख करोड़ रुपये से ऊपर जा चुका हैं और प्रति व्यक्ति आय में भी अभूतपूर्व वृद्धि हुई हैं। मध्यप्रदेश की विकास दर देश की औसत विकास से अधिक हैं। चौहान ने कहा कि सभी वर्गों के विकास पर ध्यान देने के लिये समावेशी विकास नीति को अपनाया गया हैं।
चौहान ने विभिन्न क्षेत्रों में विकास का जिक्र करते हुए कहा कि शहरी क्षेत्रों में इस वर्ष के अंत तक पांच लाख आवास तथा वर्ष 2022 तक 10 लाख आवास इकाईयां बन जाएंगी। उज्जवला योजना में अगले एक साल में तीन लाख परिवारों को निशुल्क गैस कनेक्शन दिये जायेंगे।
वृद्धजन कल्याण की चर्चा करते हुए चौहान ने कहा कि हर माह सिंगल क्लिक से 36 लाख पेंशनरों के खाते में 116 करोड रुपए की वृद्धावस्था पेंशन दी जा रही हैं। विधवाओं को पेंशन योजना का लाभ देने में गरीबी रेखा का बंधन नहीं रहेगा। दिव्यांगों के कल्याण के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए चौहान ने कहा कि इस वर्ष करीब एक लाख 67 हजार दिव्यांगों को यूनिक कार्ड जारी किए गए हैं। यह देश में सर्वाधिक हैं।
मेधावी बच्चों की पढ़ाई का खर्चा उठायेगी सरकार
शिक्षा के क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में प्रदेश में हाई स्कूलों की संख्या पौने तीन गुना और हायर सेकंडरी स्कूलों की संख्या ढाई गुना से ज्यादा बढ़ी हैं। बारहवीं कक्षा में ज्यादा अंक लाने वाले लगभग 19 हजार विद्यार्थियों को कंप्यूटर खरीदने के लिये प्रत्येक विद्यार्थी को 25000 रूपये दिए गए हैं। गरीब मेधावी बच्चों को 12वीं के बाद उच्च शिक्षा की पढ़ाई के लिये धनराशि का अभाव नहीं होने दिया जाएगा । इसके लिये मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत सरकार उच्च शिक्षा का खर्च उठाएगी।
पढ़ाने वालों की केवल एक श्रेणी
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूली शिक्षा में गुणवत्ता के लिए पढ़ाने वालों की केवल एक ही श्रेणी बनाई जा रही हैं जिसमें अध्यापन कार्य में लगे कर्मचारी अपने मूल कार्य अध्यापन पर ध्यान दे पाएंगे। उन्होंने कहा कि गरीब बच्चों को आसानी से उच्च शिक्षा की सुविधा देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
जिला चिकित्सालयों में ट्रामा यूनिट
स्वास्थ्य के क्षेत्र में उठाया गये नवाचारी प्रयासों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल मृत्यु दर में पिछले एक वर्ष में सर्वाधिक 10 अंकों की कमी आई हैं जो एक रिकॉर्ड हैं। टीकाकरण की दर बढकर कर 90% हो गई हैं। उन्होंने बताया कि सभी जिला चिकित्सालयों में ट्रामा यूनिट की स्थापना की जाएगी और चुने हुए 19 जिला चिकित्सालयों में सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते हुए आगामी 8 मार्च से 30 मार्च तक महिला स्वास्थ्य परीक्षण शिविर पूरे प्रदेश में लगाए जाएंगे। मेडिकल कालेजों में एमबीबीएस की सीटें बढाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कुपोषण दूर करने के लिये साढ़े ग्यारह लाख स्कूली बच्चों को सप्ताह में तीन दिन गुड़-मूंगफली की चिक्की देने की योजना शुरू की जा रही हैं। टेक होम राशन की व्यवस्था महिला स्व सहायता समूहों के जिला स्तरीय संघों को दी जायेगी।
हर साल साढ़े सात लाख युवाओं का कौशल विकास
चौहान ने कहा कि छह बड़े शहरों में कचरे से बिजली बनाने की इकाई स्थापित की जा रही हैं। समूह नलजल योजनाओं के जरिए लगभग 5000 गांवों की 56 लाख आबादी को पीने का स्वच्छ पानी उपलब्ध हो जाएगा। एक हजार तक की आबादी वाले गांवों को नलजल योजनाओं से जोड़ा जाएगा। रोजगार के लिए कौशल संवर्धन की आवश्यकता पर जोर देते हुए चौहान ने कहा कि युवा सशक्तिकरण मिशन के अंतर्गत हर साल साढे़ सात लाख युवाओं को कौशल विकास और इतने ही युवाओं को रोजगार औरस्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि भोपाल में एशियन विकास बैंक की मदद से विश्वस्तरीय ग्लोबल स्किल पार्क की स्थापना की जा रही हैं।
चौहान ने कहा कि दीनदयाल अंत्योदय योजना के अंतर्गत ग्रामीण आजीविका मिशन से तेईस लाख से ज्यादा परिवार दो लाख से ज्यादा स्व सहायता समूहों से जोड़े गये हैं। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में एक लाख छह हजार हितग्राहियों को कौशल प्रशिक्षण देकर 52 हजार से ज्यादा हितग्राहियों को रोजगार और स्वरोजगार में लगाया गया हैं।
नर्मदा में नहीं मिलेगा प्रदूषित पानी
नर्मदा नदी के संरक्षण के लिये निकाली गई अभूतपूर्व नर्मदा सेवा यात्रा की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा नदी के संरक्षण के अभियान को मूर्त रूप देने के लिए नर्मदा सेवा मिशन बनाया गया हैं। इसके अंतर्गत नर्मदा कछार में छह करोड़ से ज्यादा पौधे रोपे गए हैं। नदी के तट पर चार हजार शांतिधाम बनाए गए हैं ढाई सौ सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण किया जा रहा हैं। पांच घाटों का निर्माण कार्य शुरू किया गया हैं। नदी में प्रदूषित पानी मिलने से रोकने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य की 108 फुट ऊंची अष्टधातु की प्रतिमा स्थापित करने के लिए शिलान्यास हो चुका हैं। उनके एकात्म दर्शन को घर-घर पहुंचाने के लिए एकात्म यात्रा निकाली गई। आदि गुरु शंकराचार्य की स्मृति और प्रेरणा में सांस्कृतिक चेतना न्यास का गठन किया गया हैं।
भावांतर में किसानों को 1500 करोड़ का लाभ
कृषि क्षेत्र में हुई अभूतपूर्व प्रगति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार सालों में 18 प्रतिशत सालाना से अधिक औसत कृषि विकास दर हासिल करने वाला देश का एकमात्र प्रदेश हैं मध्यप्रदेश। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की मंदी के कारण किसानों को नुकसान की भरपाई के लिए ऐतिहासिक कदम उठाते हुए फसल भावांतर योजना शुरु की गई हैं । इसमें किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ मिल पाया हैं । लगभग बारह लाख किसानों को करीब 1500 करोड़ रुपए का लाभ मिलेगा।
डिफाल्टर किसानों के लिये समाधान योजना
चौहान ने किसानों के लिए खेती का खर्च कम करने के प्रयासों की चर्चा करते हुए कहा कि लगभग 17 लाख किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर का लाभ मिला हैं । ऐसे किसान जो मजबूरीवश सहकारी बैंकों में डिफाल्टर हो गए हैं, उन्हें भी शून्य प्रतिशत ब्याज परऋण की सुविधा मिलेगी । इसके लिए जल्दी ही समाधान योजना शुरू की जाएगी।
कृषि उत्पादन बढ़ाने में सिंचाई के महत्व का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 तक प्रदेश में सिंचाई क्षमता 60 लाख हेक्टेयर कर दी जाएगी। नर्मदा-पार्वती, नर्मदा-कालीसिंध नदी को जोड़ने वाली परियोजनाओं पर काम शुरू हो गया हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली के क्षेत्र में प्रदेश पूरी तरह आत्मनिर्भर हो चुका हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्थाई कृषि पंप योजना के अंतर्गत अगले साल जून माह तक पांच लाख अस्थाई कनेक्शनों को स्थाई कर दिया जाएगा।
सड़क नेटवर्क से जुड़ेगा हर गांव
सड़क नेटवर्क को मजबूत बनाने के प्रयासों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक 75 हजार किलोमीटर से ज्यादा सड़कों का निर्माण हो चुका हैं। अब प्रदेश का कोई भी गांव पहुंच विहीन नहीं रह पाएगा।
अनुसूचित जाति, जनजाति के विकास के लिए अपना संकल्प दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन वर्गों के विकास के लिए पंचवर्षीय एकीकृत योजना तैयार की जा रही हैं। अल्पसंख्यक वर्ग के कल्याण की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार को छात्रवृत्तियों के लिए करीब डेढ़ लाख प्रकरण भेजे गए हैं। महिला सशक्तिकरण की दिशा के लिये किये गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लाडली लक्ष्मी योजना में 27 लाख बालिकाओं को लाभ मिल चुका हैं। प्रदेश के 18 जिलों में वन स्टॉप सेंटर प्रारंभ हो गए हैं और अन्य आठ जिलों में भी जल्दी ही ये सेंटर खोले जाएंगे।
बदल रहा निवेश परिवेश
बदलते निवेश परिदृश्य के संबंध में मुख्यमंत्री ने बताया कि निवेशकों की सुविधा के लिए इन्वेस्ट पोर्टल बनाया गया हैं। प्रदेश में 2300 करोड रूपये की लागत से इस वर्ष 22 नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की जायेगी। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग इकाइयों के लिए प्रोत्साहन योजना अप्रैल माह से प्रभावशील हो जाएगी।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, कृषक उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का उल्लेख करते हुए चौहान ने कहा कि इन योजनाओं से छह लाख युवाओं को लाभान्वित किया गया हैं। उन्होंने कहा कि पब्लिक स्कूल की तर्ज पर इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में स्थापित हो रहे श्रमोदय विद्यालयों में इस शैक्षणिक सत्र से 3200 बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए अब 'समाधान एक दिन में' योजना लागू की जा रही हैं। इसके अंतर्गत लोगों को एक ही दिन में चयनित नागरिक सेवाएं प्राप्त हो जाएंगी।
भू राजस्व संहिता में होगा जरूरी बदलाव
राजस्व प्रशासन में आये सुधार का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल करीब साढे़ ग्यारह लाख राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया गया । राजस्व महाभियान में दस लाख अविवादित नामांतरण एवं बंटवारे के प्रकरणों का निराकरण हुआ हैं। किसानों को सवा चार करोड़ खसरा खतौनी की नकलें निशुल्क दी गई हैं। उन्होने कहा कि भू-राजस्व संहिता में जरूरी बदलाव के लिए समिति गठित की गई हैं।
पर्यटन विकास की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 जल क्षेत्रों पर जल पर्यटन केंद्र विकसित किए जा रहे हैं। इस वर्ष गांधी सागर में जल महोत्सव की शुरुआत की जा रही हैं। भोपाल में भारत माता की प्रतिमा और वीर भारत परिसर का निर्माण किया जायेगा।
अगले माह शुरू होंगी रेत खदानें
मुख्यमंत्री ने बताया कि नई रेत उत्खनन नीति में अगले माह से बड़ी संख्या में रेत खदानें शुरू हो जाएंगी। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए चरण पादुका योजना शुरू की जा रही हैं। इसके अंतर्गत 21 लाख से ज्यादा संग्राहकों को जूता चप्पल, पानी की बॉटल और महिला संग्राहकों को साड़ी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आनंद विभाग के अंतर्गत 172 स्थानों पर अधिक सामान जरूरतमंदों के लिये छोड़ने की व्यवस्था की गई हैं।
नरपिशाचों को मिलेगी फांसी
महिला अपराधों को नियंत्रित करने के उद्देश्य विशेष कानून का जिक्र करते हुए चौहान ने कहा कि 12 वर्ष से कम उम्र की बालिका के साथ दुष्कर्म अथवा सामूहिक दुष्कर्म के लिए दोषियों को मृत्युदंड देने का प्रावधान किया गया हैं। केंद्र सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद यह कानून लागू हो जाएगा। उन्होंने डायल 100 व्यवस्था, शहरों में सीसीटीवी लगाने जैसे प्रयासों का भी उल्लेख किया। (खबरनेशन / Khabarnation)