आनंद का सबसे बड़ा साधन सेवा - मुख्यमंत्री चौहान

अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में शामिल हुये मुख्यमंत्री

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सेवा से बड़ा आनंद का कोई अन्य साधन नहीं हैं। दूसरों को खुशी देना सबसे बड़ा धर्म और तकलीफ देना सबसे बड़ा पाप हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जमीन से जुड़ा रहना चाहिये। निरंतर परपीड़ा के हरण और जन कल्याण में लगे रहना चाहिये। चौहान आसरा लोक कल्याण संस्था द्वारा आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने सांसद आलोक संजर को जन्मदिवस की शुभकामनायें दी। कवि सम्मेलन में आये वरिष्ठ कवि रामेन्द्र मोहन त्रिपाठी सहित कवियों का सम्मान किया। आसरा कल्याण संस्था की स्मारिका महिला सशक्तिकरण का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार ने दुनिया की सबसे बड़ी योजना गरीब मजदूर के लिये सामाजिक सुरक्षा बनाई हैं। जिसमें रहने के लिये भूमि का टुकड़ा, पक्का मकान, बच्चों की नि:शुल्क शिक्षा, उपचार और पोषण के लिये व्यवस्थायें हैं। मजदूर की जन्म से लेकर मृत्यु तक की सभी जिम्मेदारियों में सरकार उनके साथ खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी हैं। मासूम बेटियों के साथ दुराचार करने वाले को मृत्युदण्ड दिलावाने का कानून बनाया हैं। पुलिस को अभियान चलाकर गुण्डों को सख्ती से कुचलने के लिये कहा हैं ताकि बदमाशों का प्रदेश में रहना दूभर हो जाये।

सांसद आलोक संजर ने आभार प्रदर्शन किया। आसरा कल्याण संस्था की संयोजिका अलका शुक्ला ने बताया कि संस्था के स्थापना दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया हैं। उन्होंने संस्था के कार्यों का प्रगति प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में आसरा लोक कल्याण संस्था के अध्यक्ष वेद आशीष रानू, सचिव अनिल जैन ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर सहकारिता राज्यमंत्री विश्वास सारंग, विधायक सुरेन्द्र नाथ सिंह, दूरसंचार के मुख्य महाप्रबंधक महेश शुक्ला सहित बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे। (खबरनेशन / Khabarnation)

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