युवाओं और ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहीं स्वरोजगार योजनायें

भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के साथ-साथ केन्द्र शासन की स्वरोजगार योजनायें युवाओं के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध हो रही हैं। इन योजनाओं में अनुदान का आकर्षक प्रावधान को नौकरी करने की बजाय उद्यमी बनने के लिये प्रेरित कर रहा हैं। प्रदेश में हर स्तर पर स्थानीय प्रशासन भी मध्यप्रदेश शासन की मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री केश शिल्पी योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना और केन्द्र शासन की प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना तथा तेजस्विनी ग्रामीण महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम आदि के माध्यम से जरूरतमंदों को स्वरोजगार स्थापित करवाने में भरपूर मदद कर रहा हैं। 

नीमच जिला मुख्यालय निवासी शुभम राठौर को मुख्यमंत्री केश शिल्पी योजना ने मात्र 21 वर्ष की आयु में स्वयं का स्वरोजगार स्थापित करने में मदद कर आत्मनिर्भर बना दिया हैं। शुभम राठौर ने 'मेन्स पार्लर' खोला हैं और रोजाना कमा रहे हैं 500 रूपये। दसवीं पास शुभम को 50 हजार रूपये का ऋण योजनान्तर्गत स्वीकृत हुआ। इसमें 12 हजार 500 रूपये का अनुदान भी शासन द्वारा दिया गया। इस राशि से उसने शुभम मेन्स पार्लर नाम से अपना यह स्वरोजगार प्रारंभ किया। आज वह आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन गया हैं, और अच्छी तरह से अपने तीन सदस्यीय परिवार का भरण-पोषण कर रहा हैं। 

सीधी जिले में उमा सेन पत्नी आर.एस. सेन दक्षिण करौदिया को भारत सरकार के प्रधानमंत्री स्वरोजगार सृजन कार्यक्रम अन्तर्गत सीधी में आफसेट पिटिंग प्रेस स्थापित करने के लिये भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा सीधी से सात लाख रूपये का ऋण मिला। उमा ने मेसर्स त्रयम्बकेश्वर आफ सेट प्रिंटिंग प्रेस शुरू की। योजना में इन्हें एक लाख 75 हजार रूपये का अनुदान भी मिला। लगन, मेहनत एवं स्थानीय माँग के कारण उमा सेन का प्रिंटिंग प्रेस अच्छा चल रहा हैं। बैंक का ऋण पूरा जमा कर चुकी हैं उमा सेन। 

टीकमगढ़ जिला मुख्यालय की कौशलपुरी कॉलोनी निवासी शुभम खरे ने इंदौर जाकर बीबीए और एमबीए किया। इसके बाद एक साल महिन्द्र एंड कम्पनी में नौकरी भी की। शुभम के मन में विचार आया कि क्यों न अपने गृह नगर जाकर अपना व्यवसाय शुरू करें और अपने परिवार के साथ रहें। इस विचार को लेकर शुभम टीकमगढ़ आये और अपने प्रोजेक्ट की तैयारी कर बैंक से ऋण के लिये संपर्क किया। आज शुभम ने एक बढ़िया होटल खोलकर बेरोजगार युवाओं को सफल जिंदगी जीने का रास्ता बताया हैं। शुभम को स्वाबलम्बी बनने में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का साथ मिला हैं। 

कटनी जिले के बड़वारा विकासखण्ड के ग्राम विलायतकलां निवासी दुर्गा प्रसाद गुप्ता को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में गल्ला व्यापार के लिये माह अक्टूबर-नवंबर 2017 में 50 हजार रूपये का ऋण स्वीकृत हुआ। दुर्गा अब धीरे-धीरे अपने गल्ले के व्यापार को बढ़ाने का प्रयास कर रहा हैं। उसने दुकान में पशु आहार से लेकर गेहूँ, चना, दाल, चावल आदि अनाज बेचना भी शुरू किया हैं। इस व्यापार से उसे गाँव में ही अच्छी आमदनी होने लगी हैं।

टीकमगढ़ जिले में अब ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास निर्माण में उपयोग के लिये आवश्यक सामग्री अब गाँव में मिलने लगी हैं। ठेकेदारों को सेंटरिंग के सामान के लिये ज्यादा किराया भी नहीं देना पड़ेता। ठेकेदारों को सेटरिंग का सामान स्व-सहायता समूह की महिलायें उपलब्ध करवा रही हैं। कलेक्टर अभिजीत अग्रवाल ने निर्देश जारी किये हैं कि प्रधानमंत्री आवास निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सेंटरिंग का सामान तेजस्वनी महिला समूह से ही लिया जाये। इससे समूह की महिलाओं की आय भी बढ़ी हैं। 

तेजस्वनी ग्रामीण महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में महिला समूहों की आजीविका सुनिश्चित करने के लिए दुग्ध संकलन केन्द्र, पशु आहार विक्रय केन्द्र के अलावा कई तरह के अन्य व्यापार भी शुरू कराए जा रहे हैं। इसी कड़ी में समूह की महिलाओं को सेंटरिंग का व्यवसाय शुरू करवाया गया हैं। जनवरी माह में बीजौर गाँव में महिला समूह को सेंटरिंग का काम सौंपा गया। करीब 4 महीने पहले राधपुर गाँव में भी समूह को सेटरिंग व्यवसाय से जोड़ा गया। इसके लिए समूहों को 2-2 लाख रूपये की आर्थिक मदद दी गई। जिले में करीब 20 महिला समूहों को सेटरिंग व्यवसाय शुरू कराने का लक्ष्य तय किया गया हैं। दस प्रस्तावों पर काम शुरू कर दिया गया हैं। (खबरनेशन / Khabarnation)
 

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