महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न रोकथाम के संबंध में शासकीय/अशासकीय कार्यालयों में आंतरिक परिवाद समिति का गठन होगा
Khabar Nation
इन्दौर
महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोषण) अधिनियम 2013 के नियम 04 के अनुसार शासकीय/अशासकीय कार्यालयों में आंतरिक परिवाद समिति का गठन किया जायेगा। यह गठन ऐसे समस्त शासकीय/अशासकीय कार्यालयों में होगा, जहां 10 या 10 से अधिक अधिकारी/कर्मचारी कार्यरत है। आंतरिक परिवाद समिति गठित नहीं होने पर पचास हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी श्री रजनीश सिन्हा ने बताया कि आंतरिक परिवाद समिति में एक पीठासीन अधिकारी (वरिष्ठ स्तर की महिला), कम से कम दो सदस्य जो महिलाओं की समस्याओं के लिए प्रतिबद्ध है या समाज सुधार कार्य का अनुभव या विधिक ज्ञान रखते है। गैर-सरकारी संगठनों का एक सदस्य जो महिलाओं की समस्याओं के प्रतिबद्ध है या ऐसा कोई व्यक्ति जो लैंगिक उत्पीड़न संबंधी मुद्दों से परिचित रहेंगे। समिति में कम-से-कम आधे सदस्य महिलाएँ होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि यदि किसी महिला के साथ शासकीय/अशासकीय कार्यालयों/संस्था आदि में किसी तरह का यौन उत्पीडन होता है तो गठित आंतरिक परिवाद समिति में शिकायत दर्ज की जा सकती है। साथ ही लैंगिक उत्पीड़न के संबंध में She Box पोर्टल प्रारंभ किया गया है। उक्त पोर्टल पर कार्यालय के नोडल अधिकारी की जानकारी फीड की जाना है। कहा गया है कि कार्यालय/संस्था/कम्पनी में आंतरिक परिवाद समिति का गठन कर गठित आंतरिक परिवाद समिति की जानकारी एवं कार्यालय के नोडल अधिकारी के मोबाईल नम्बर, ईमेल आईडी की जानकारी sheboxportalindore@gmail.com पर एवं हार्ड कॉपी कार्यालय महिला एवं बाल विकास विभाग पता 206, द्वितीय तल, प्रशासनिक संकुल कलेक्टोरेट जिला इन्दौर में अनिवार्य रूप से भिजवायें।