विश्व स्वास्थ्य नीति में भारतीय चिकित्सा पद्धति और पातंजलि योग को महत्ता
केन्द्रीय वन मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने किया अंतर्राष्ट्रीय हर्बल मेले का शुभारंभ
भोपाल। ''सभी के लिये स्वास्थ्य'' के तहत विश्व स्वास्थ्य नीति बनाने के लिये जापान में हुई बैठक में सर्व-सम्मति से भारतीय चिकित्सा पद्धति और स्वास्थ्यवर्धक ऊर्जा के लिये पातंजलि योग शामिल करने की महत्ता पर बल दिया गया। इससे सिद्ध होता हैं कि विश्व में आयुर्वेद सहित भारतीय चिकित्सा पद्धति की विश्वसनीयता हैं। आयुर्वेद जीवन जीने की कला सिखाता हैं। यह बात केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री हर्षवर्धन ने भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय वन मेला-2017 का शुभारंभ करते हुए कही।
डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि भारत ज्ञान, व्यापार, आध्यात्म, चिकित्सा पद्धति आदि के क्षेत्र में विश्व गुरु था। भारत की विकास दर पहली से 17वीं शताब्दी तक सर्वाधिक थी। आज 'सभी के लिये स्वास्थ्य'' नारे को सफल बनाने में भी भारत को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा पद्धति में 30 वर्ष से अधिक अवधि तक काम करने के बाद आयुर्वेद और हर्बल में उनका विश्वास काफी बढ़ा हैं। उन्होंने मेला आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इतने बड़े मेले को सफलतापूर्वक जारी रखना चुनौतीपूर्ण कार्य हैं। यह मेले की सच्चाई को सिद्ध करता हैं। यह मेला देश के अन्य राज्यों के लिये भी अनुकरणीय उदाहरण बनेगा। उन्होंने कहा कि बाँस शिल्प को बढ़ाने के लिये जल्दी ही संसद में विधेयक लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की सात्विकता को अक्षुण्ण बनाये रखने के लिये सभी को सक्रिय रहकर कार्य करना होगा। विकास के साथ पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन आज विश्व की ज्वलंत समस्या बन गया हैं।
डॉ. गौरीशंकर शेजवार ने कहा कि आयुर्वेद और एलोपैथी चिकित्सा पद्धति एक-दूसरे की विरोधाभासी न होकर पूरक हैं। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता के चलते लघु वनोपज संघ के विंध्य हर्बल उत्पादों की प्रशंसा बाबा रामदेव ने भी की हैं। देश के 17 राज्यों में विंध्य हर्बल उत्पाद की आपूर्ति होती हैं। कार्यक्रम को वन राज्य मंत्री सूर्यप्रकाश मीणा, लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष महेश कोरी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक अनिमेष शुक्ला और लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक जव्वाद हसन ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वन, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार ने की। राज्य मंत्री वन एवं उद्यानिकी खाद्य प्र-संस्करण (स्वतंत्र प्रभार) सूर्यप्रकाश मीणा, सहकारिता एवं गैस राहत राज्य मंत्री विश्वास सारंग और राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष महेश कोरी विशिष्टि अतिथि के रूप में मौजूद थे। (खबरनेशन / Khabarnation)